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गोरखपुर

रिटायरमेंट से एक दिन पहले सहायक लेखाकार बर्खास्त, लाखों का जुर्माना

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गोरखपुर बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा

गोरखपुर। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गोरखपुर जोन के अंतर्गत विद्युत वितरण निगम में तैनात रहे सहायक लेखाकार ईशपाल सिंह को सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही उन पर 11,06,457 का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, ईशपाल सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बागपत में तैनाती के दौरान 25 रसीद बुकों के माध्यम से उपभोक्ताओं से वसूली गई बिजली बिल की राशि को निगम के खाते में जमा नहीं किया। जांच में सामने आया कि इन रसीद बुकों से वसूली गई रकम को निजी लाभ के लिए गबन किया गया। कुल मिलाकर यह घोटाला करीब 1.69 करोड़ का बताया जा रहा है। इनमें से कई रसीद बुकें सीधे ईशपाल सिंह के नाम से निर्गत थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर जोन के मुख्य अभियंता आशुतोष श्रीवास्तव के स्तर से विभागीय जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई। विभाग का कहना है कि सेवानिवृत्ति के करीब होने के बावजूद दोषी पाए जाने पर नियमों के तहत बर्खास्तगी और आर्थिक दंड दोनों लगाए गए हैं।

बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम विभाग में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को, चाहे वह रिटायरमेंट के कितने ही करीब क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।

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इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य लंबित मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके और व्यवस्था पर भरोसा बना रहें।

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