वाराणसी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
प्रेम-प्रसंग और दबाव बना हत्या की वजह
वाराणसी। शिवपुर के लक्ष्मणपुर में गुरुवार को दिनदहाड़े हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा पटेल उर्फ सीता देवी की नृशंस हत्या का शिवपुर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया। पुलिस ने घटना में शामिल दो अभियुक्त मोहित यादव और उसकी पत्नी अंजलि चौहान को शिवपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। दोनों वाराणसी से बाहर भागने की फिराक में थे।
गिरफ्तारी के बाद तलाशी में पुलिस ने मृतका के जेवरात, कुल 73,640 रुपये नकद, पैन कार्ड, आधार कार्ड सहित चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया। एडीसीपी नीतू कात्यायन ने शुक्रवार शाम प्रेसवार्ता में घटना का अनावरण किया।

प्रेम-प्रसंग और दबाव बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार मोहित और उसकी पत्नी अंजलि, मृतका के घर के पास शारदा बिहार कॉलोनी में किराए पर रहते थे। दूध बेचने के दौरान अनुपमा और मोहित का परिचय हुआ और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। चूंकि मृतका की कोई संतान नहीं थी, वह मोहित पर संबंध बनाकर संतान उत्पन्न करने का दबाव बनाती थी और इंकार करने पर पुलिस में शिकायत की धमकी देती थी। अपने ऊपर बढ़ते दबाव की जानकारी मोहित ने पत्नी अंजलि को दी और दोनों ने अनुपमा को रास्ते से हटाने की साज़िश रच ली।
पत्थर की सिल और ड्रम से की गई हत्या
घटना वाले दिन 11 दिसंबर की सुबह दोनों मिश्रा होम स्टे, पांडेयपुर से अनुपमा के घर पहुंचे। योजना के अनुसार बाहर अंजलि रुक गई और मोहित पीछे के रास्ते से घर में घुस गया। उसने घर में रखी पत्थर की सिल और स्टील के ड्रम से मृतका के सिर, चेहरे और गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद उसने मृतका के पहने हुए और अलमारी में रखे जेवरात तथा नकदी लेकर बाहर निकल आया। खून से सने कपड़ों को अंजलि की साड़ी से ढककर दोनों टैम्पो से भोजूबीर होते हुए वापस होम स्टे पहुंच गए।
शिवपुर स्टेशन से दबोचे गए आरोपी
अगले दिन दोनों वाराणसी छोड़ने के लिए शिवपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि खून से सने कपड़े उन्होंने एक झाड़ी में फेंक दिए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस की तत्परता से हत्या का खुलासा होते ही क्षेत्र में सनसनी के बीच राहत की लहर दौड़ गई।
