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पीएम–कुसुम योजना: 40,521 सोलर पंप अनुदान पर, 15 दिसंबर तक करें आवेदन

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गोरखपुर/लखनऊ। प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में ऊर्जा के विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देने और किसानों को स्थायी सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम–कुसुम) के तहत 40,521 सोलर पंप प्रदान करने की घोषणा की है। डीज़ल की बढ़ती कीमतों और अस्थिर विद्युत आपूर्ति से जूझ रहे किसानों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण राहत दे सकती है।

सोलर पंप की बुकिंग 26 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है, जो 15 दिसंबर 2025 को अपराह्न 3 बजे तक जारी रहेगी। सभी आवेदनों का चयन पारदर्शी ई–लॉटरी प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा।

सरकार 2 एचपी से 10 एचपी क्षमता वाले सोलर पंपों पर 98 हजार रुपये से 2.54 लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान कर रही है। बुकिंग के समय किसानों को केवल 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी, जबकि चयन के बाद बची हुई राशि बैंक अथवा ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित अवधि में जमा करनी होगी। उदाहरण के रूप में 2 एचपी पंप की कुल कीमत 1,64,322 रुपये है, जिसमें से 98,593 रुपये अनुदान के रूप में मिलेंगे और किसान को केवल 60,729 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। इसी प्रकार 10 एचपी पंप पर 2,54,983 रुपये तक का अनुदान मिलेगा और किसान का अंश लगभग 2.73 लाख रुपये बैठेगा।

इस योजना के लिए आवेदन उन्हीं किसानों द्वारा किया जा सकता है जिनका पंजीकरण कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर मौजूद है। सोलर पंप की बुकिंग भी इसी पोर्टल agriculture.up.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। पंप क्षमता के अनुरूप बोरिंग की गहराई निर्धारित की गई है—2 एचपी के लिए 4 इंच, 3 और 5 एचपी के लिए 6 इंच, जबकि 7.5 और 10 एचपी पंपों के लिए 8 इंच। मौके पर सत्यापन के दौरान यदि बोरिंग मानक से कम पाई जाती है, तो आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और टोकन मनी भी जब्त हो जाएगी।

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चयनित किसान को शेष राशि समय सीमा के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा आवेदन स्वतः रद्द माना जाएगा। सोलर पंप लगने के बाद स्थल परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी, और यदि ऐसा पाया गया तो संपूर्ण अनुदान वापिस ले लिया जाएगा। दोहित और अति-दोहित क्षेत्रों में नए सोलर पंप स्थापित नहीं किए जाएंगे, हालांकि पहले से लगे डीज़ल पंप को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के साथ सोलर पंप में परिवर्तित करने की अनुमति होगी। यदि किसान अपने अंश के लिए बैंक ऋण लेता है, तो कृषि अवस्थापना निधि (AIF) के तहत उसे 6 प्रतिशत ब्याज छूट (3 प्रतिशत केंद्र और 3 प्रतिशत राज्य) का लाभ दिया जाएगा। सोलर पंप लगने के बाद उसी बोरिंग पर बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख के अनुसार यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि सोलर पंप से सिंचाई निर्बाध रूप से संभव होगी, डीज़ल खर्च की बचत होगी, पर्यावरण को लाभ मिलेगा और फसल उत्पादन में सुधार दिखाई देगा।

इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 26 नवंबर से 15 दिसंबर 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे। बुकिंग के समय 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करना अनिवार्य है और चयन ई–लॉटरी पद्धति के माध्यम से किया जाएगा। चयनित किसान को निर्धारित अवधि में शेष राशि जमा करनी होगी।

डीज़ल खर्च और बिजली की कमी से परेशान किसानों से अपील की गई है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर सिंचाई लागत में कमी के साथ अपनी उत्पादन क्षमता भी बढ़ा सकते हैं। अंतिम तिथि नजदीक है, इसलिए शीघ्रता से पोर्टल agriculture.up.gov.in पर पंजीकरण कर अपनी बुकिंग सुनिश्चित करें।

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