Connect with us

गोरखपुर

फर्जी आईएएस बन कर नौकरी-ठेके का झांसा देकर करोड़ों की ठगी

Published

on

Loading...
Loading...

गोरखपुर पुलिस ने एक बड़े जालसाज़ गिरोह को बेनकाब किया है, जो खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों को सरकारी नौकरी, ठेका या ठीका दिलाने का झाँसा देकर करोड़ों रुपये ले रहा था। आरोप है कि गिरोह का प्रमुख गौरव कुमार खुद को 2022 बैच का आईएएस बता कर काम चलता था और उसके दो अन्य सहयोगी ओएसडी व निजी सचिव फर्जी परिचय-पत्र व दस्तावेज़ तैयार कर ठगी का काम संभालते थे।

पुलिस की जांच के अनुसार, गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड व मध्य प्रदेश में सक्रिय था। कथित तौर पर 40 से अधिक लोग इस जाल में फँसे, लेकिन जिस व्यापारी मुकुंद माधव को गिरोह से बड़ा सरकारी ठेका दिलाने के लिए हुए सौदे के तहत करीब 2 करोड़ रुपये दिए थे, उससे 99.09 लाख रुपये बरामद हुए। ये रकम उस समय पकड़ी गई, जब वह रेलगाड़ी यात्रा कर रहा था। पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा कि कुछ रकम वापस मिले थे लेकिन इस जाल का असर कई अन्य लोग भी झेल चुके थे।

Loading...

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का नेटवर्क सिर्फ नौकरी या ठेका नहीं, बल्कि शादी-व्यवस्था व अन्य बहाने बनाकर लोगों को फँसाता था। वह सोशल मीडिया व व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से लोगों से संपर्क करता, उन्हें सरकारी अफसरों से संबंध होने का भरोसा दिलाता और फिर पैसे वसूलता। उसके द्वारा भेजे गए फर्जी नियुक्तिपत्र, सरकारी मुहर व दस्तावेजों का उपयोग किया जाता था।

पुलिस अब आरोपी गौरव कुमार की लोकेशन ट्रेस कर रही है। सूचना मिली है कि वह लखनऊ में सक्रिय हो सकता है। इसके लिए गोरखपुर पुलिस की टीम लखनऊ रवाना हो चुकी है। साथ ही, आरोपियों के कॉल-डिटेल, व्हाट्सएप चैट व बैंक ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच शुरू हो चुकी है, ताकि पूरा नेटवर्क उजागर किया जा सके और अन्य फँसे हुए लोगों तक भी शीघ्र पहुँचा जा सके।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page