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वाराणसी

कफ सिरप के अवैध कारोबार में दो गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज़ों से बनाया ड्रग लाइसेंस

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वाराणसी। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के थाना कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला थाना कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 235/2025 से संबंधित है, जिसमें धारा 26 डी एनडीपीएस एक्ट, बढ़ोत्तरी धारा 61(2), 318(2), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस व धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

अपराधियों की धरपकड़, चोरी-लूट समेत विभिन्न आपराधिक घटनाओं के अनावरण के लिए पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के मार्गदर्शन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण, सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम ने दोनों अभियुक्तों को पूछताछ के उपरांत थाना कोतवाली परिसर से गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है।

एक वर्ष में 07 करोड़ का अवैध कारोबार

पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी रेंट एग्रीमेंट, जाली अनुभव प्रमाण पत्र सहित अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ड्रग लाइसेंस प्राप्त किया और भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप खरीदकर उसका नशे के रूप में अवैध व्यापार किया।

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जांच में सामने आया कि विशाल कुमार जायसवाल की फर्म हरी ओम फार्मा के माध्यम से 4,18,000 शीशी कफ सिरप की बिक्री की गई, जिसे नामजद अभियुक्त भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स, रांची ने खरीदा था। इससे पांच करोड़ रुपये से अधिक की बिलिंग सामने आई है। वहीं बादल आर्य की फर्म काल भैरव ट्रेडर्स के नाम पर 1,23,000 शीशी कफ सिरप की बिक्री उजागर हुई, जिसका खरीदार भी शैली ट्रेडर्स ही था। इससे करीब दो करोड़ रुपये की अवैध बिलिंग दर्ज की गई। इस सप्लाई को वैध दिखाने के लिए फर्जी ई-वे बिल भी तैयार किए गए, जिनकी पुष्टि ई-वे बिल में दर्ज वाहनों के स्वामियों के बयानों से हुई।

अभियुक्तों ने बताया कि डीएसए फार्मा खोजवा भेलुपुर वाराणसी के माध्यम से उनकी मुलाकात हरी श्री फार्मा एंड सर्जिकल एजेंसी सोनिया सिगरा वाराणसी के प्रोपराइटर अमित जायसवाल और शैली ट्रेडर्स के शुभम जायसवाल से कराई गई।

इन लोगों ने ज्यादा कमाई के लालच में कफ सिरप व्यापार के लिए प्रेरित किया और उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ड्रग लाइसेंस बनवाए। शुभम जायसवाल, दिवेश जायसवाल के माध्यम से प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये रकम नकद कमीशन देता था। बैंक खातों की पूरी जानकारी दिवेश जायसवाल के पास थी और वह ओटीपी लेकर लेनदेन करवाता था।

अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उनकी फर्में सिर्फ नाम के लिए थीं। शैली ट्रेडर्स से जो माल इनके नाम पर आता था, वह कहीं और भेज दिया जाता था, लेकिन ई-वे बिल और टैक्स इनवॉइस उनकी फर्मों से ही बनाए जाते थे।

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गिरफ्तार आरोपियों में विशाल कुमार जायसवाल (34 वर्ष) पुत्र अशोक जायसवाल और बादल आर्य (33 वर्ष) पुत्र राम भजन आर्य है।  दोनों आरोपी लालपुर पांडेयपुर थाना अंतर्गत हुकूलगंज (वाराणसी) क्षेत्र के रहने वाले हैं। अन्य मामलों में इनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में दया शंकर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, उप निरीक्षक गौरव सिंह, प्रभारी एसओजी प्रथम,  प्रिंस तिवारी,अंकित कुमार सिंह, विजय कुमार यादव, हेड कांस्टेबल विजय शंकर राय, प्रमोद सिंह, चन्द्रभान यादव, एसओजी प्रथम जितेन्द्र यादव, आरक्षी अखिलेश कुमार, अंकित मिश्रा, प्रशांत तिवारी और अश्वनी सिंह शामिल रहें।

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