वाराणसी
बच्ची की खरीद-फरोख्त में तस्कर दोषी, पांच आरोपित बरी
वाराणसी। चेतगंज थाने में दर्ज मानव तस्करी के एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने कोलकाता निवासी अनिल बरनवाल को दोषी ठहराया है। वहीं मामले में आरोपित अन्य पांच व्यक्तियों को अपर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने दोषसिद्ध अभियुक्त अनिल बरनवाल की सजा पर बहस के लिए 29 नवंबर की तारीख निर्धारित की है।
शहर के सेनपुरा क्षेत्र में रहने वाले समशेर सिंह ने 29 मई 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। परिवारिक विवाद के चलते वह परिवार संग अंधरापुल के नीचे अस्थाई रूप से रहता था और मजदूरी कर रोजी-रोटी कमा रहा था। बताया गया कि 28 मार्च 2023 की रात परिवार के साथ सोते समय उसकी एक वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई। गहन तलाश के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला तो उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
विवेचना में उजागर हुई तस्करी की कड़ी जांच के दौरान पुलिस ने झारखंड के हजारीबाग निवासी मदन मोदी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि जयपुर निवासी मनीष जैन बच्ची को कोडरमा लेकर आया वहां से 50 हजार रुपये में खरीद-फरोख्त की गई। इसके बाद वही बच्ची 2 लाख रुपये में कोलकाता के अनिल बरनवाल को बेच दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 20 मार्च को अनिल बरनवाल को गिरफ्तार कर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया था।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कुल 6 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने अनिल बरनवाल को दोषी करार दिया, जबकि मनीष जैन, संतोष गुप्ता, शिखा देवी, शिवम गुप्ता उर्फ प्रवीण मोदनवाल और मदन मोदी को दोषमुक्त कर दिया।
