चन्दौली
पुण्यतिथि पर श्याम देई चौरसिया को दी गयी श्रद्धांजलि
पीडीडीयू नगर (चंदौली)। भारतीय समाचार पत्र विक्रेता संघ द्वारा संघ के प्रदेश महामंत्री भागवत नारायण चौरसिया की माता स्व. श्याम देई चौरसिया की चौथी पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह सभा अखबार सेंटर पर आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता संघ के जिला अध्यक्ष विजय जायसवाल ने की, जबकि संचालन जिला कोषाध्यक्ष कमलेश विश्वकर्मा ने किया।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और दो मिनट का मौन धारण कर स्व. श्याम देई चौरसिया को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनके व्यक्तित्व और विचारों पर प्रकाश डाला।
संघ के प्रदेश महामंत्री भागवत नारायण चौरसिया ने अपनी माता को याद करते हुए कहा कि “माताजी हमेशा धर्म और ईमानदारी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती थीं। वह महाकुंभ में 45 दिनों तक टेंट में रहकर स्नान-ध्यान करती थीं। इस दौरान मुझे भी चार-पांच बार उनके साथ जाना पड़ता था। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इतनी सुंदर व्यवस्था की गई थी कि आधे देश ने रिकॉर्ड तोड़ संख्या में आकर पवित्र स्नान किया, जो एक ऐतिहासिक घटना बन गई।”
संघ के जिला अध्यक्ष विजय जायसवाल ने कहा कि “स्व. श्याम देई चौरसिया एक हंसमुख, कर्मठ और दयालु महिला थीं। वह धार्मिक विचारों से प्रेरित होकर दिन में दो बार अपने मंदिर में पूजा-अर्चना करती थीं और धर्म के नाम पर दोनों हाथों से दान करती थीं। उनके मंदिर में जब घंटी बजती थी तो कुत्ते भी उसमें शामिल हो जाते थे, जो उनकी भक्ति का अनोखा उदाहरण था।”
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला कोषाध्यक्ष कमलेश विश्वकर्मा ने कहा कि “आज के समय में निडर होकर अपनी बात रखना एक गुनाह माना जाता है, क्योंकि सच्चाई लोगों को कड़वी लगती है। हमारी माताजी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए प्रदेश महामंत्री भागवत नारायण चौरसिया हमेशा अन्याय और अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हैं, जिससे समाज के उत्थान में योगदान मिलता है।”
इस श्रद्धांजलि सभा में भागवत नारायण चौरसिया, विजय जायसवाल, संजय सिंह, कमलेश विश्वकर्मा, राजेश सिंह, सुभाष भारती, त्रिपुरारी यादव, मदन यादव, कुलवंत विश्वकर्मा, नीरज पांडे, मिथिलेश उमराव, राम बच्चन राम, मोनू जायसवाल समेत कई लोग उपस्थित थे। सभी ने स्व. श्याम देई चौरसिया के बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
