वाराणसी
स्थानांतरण के विरूद्ध लामबंद हुए बिजलीकर्मी, अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कर जताया विरोध
मौत के बाद परिवार को नहीं मिलती हैं सुविधाएं : बिजली कर्मचारी
रिपोर्ट – अंजली मिश्रा
वाराणसी। स्थानांतरण नीतियों और शासनादेश के विपरीत स्थानांतरण से नाराज बिजली मजदूर संघ के सदस्यों की बैठक रविवार को भिखारीपुर स्थित संगठन कार्यालय पर हुई थी। इसमें सदस्यों ने सर्वसम्मति से डिस्कॉम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह करने करने फैसला लिया था।
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे विद्युत कर्मचारियों ने इस दौरान नारेबाजी की। विभाग पर सुविधाएं न देने का आरोप लगाया। कहा कि काम करते समय अगर हमारी मौत हो जाती है तो हमें कोई सहायता नहीं दी जाती। साथ ही तबादले को लेकर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने पांच सूत्रीय मांग को लेकर अपनी नाराजगी जताई।
संगठन के पूर्वांचल सचिव ने बताया कि, प्रबंधन ने जान बूझकर संगठन के पदाधिकारिओ का गलत और नियम विरूद्ध स्थानांतरण कर दिया गया है। स्थानांतरण नीति में उल्लिखित है कि 10 प्रतिशत कर्मचारियों का ट्रान्सफर किया जाए, परन्तु प्रबंधन द्वारा स्थानान्तरण नीति का उल्लंघन करते हुए मनमाने तरीके से कर्मचारियों का ट्रान्सफर कर दिया।

उन्होंने कहा कि, बनारस के सर्किल द्वितीय के कार्यकारी अधिकारी को छोड़ दिया गया है, जो 1995 से जिले में कार्यरत हैं, जबकि सर्किल प्रथम के कार्यकारी अधिकारी जो संगठन के पूर्वांचल अध्यक्ष व पदाधिकारी भी हैं, उनको महाराजगंज ट्रांसफर कर दिया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष मिर्जापुर अभिजीत भट्टाचार्य का ट्रान्सफर प्रबंध निदेशक पूर्वांचल डिस्कॉम द्वारा वाराणसी जोन द्वितीय और मुख्य अभियन्ता, मिर्ज़ापुर क्षेत्र, मिर्जापुर द्वारा सोनभद्र कर दिया गया, जो स्थानांतरण नीति का खुला उल्लंघन है।
क्षेत्रीय सचिव ने बताया कि चंदौली मंडल के एक कार्यकारी अधिकारी को ग्रामीण मण्डल, वाराणसी में कर दिया गया, जबकि ग्रामीण मण्डल में कार्यकारी अधिकारी पहले से ही कार्यरत हैं, तो एक ही मंडल में दो कार्यकारी अधिकारी कैसे कार्य कर सकते हैं।उन्होंने गलत तरीके से स्थानांतरण किए गए कर्मचारियों और संगठन के पदाधिकारिओं के आदेश को निरस्त करने की मांग की। स्थानांतरण निरस्त न होने पर संगठन ने कार्यालय के समक्ष सत्याग्रह शुरू कर दिया।
