अपराध
सिगरा पुलिस द्वारा कूटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर एफसीबाई में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपये हड़प लेने वाले अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
वाराणसी: अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त काशी जोन व सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज के कुशल नेतृत्व में वाना सिमरा पुलिस द्वारा मुख्अ०] 104 2023 धारा 420/406/504/506467/468/471 [भाव०नि० से सम्बन्धित अभियुक्त कृष्ण मोहन पुत्र स्व श्यामलाल नि0 सा0-61 KM-2- सेन न0 2 बेनीपुर पहाडिया याना सालपुर वाराणसी उम्र करीब 42 वर्ष को रोडवेज बस स्टैण्ड थाना सिगरा वाराणसी से गिरफ्तार किया गया। उक्त गिरफ्तारी के सम्बन्ध में थाना सिगरा पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पूछने पर जुर्म को स्वीकार करते हुए बता रहा है कि मैं एफ०सी०आई० में कोई कर्मचारी नहीं है लेकिन आम लोगों को एफ०सी०आई० का बाबू बताता था और एफ०सी०आई० में लिपिक व चपरासी के पद पर नौकरी दिलवाने के नाम पर लोगों को विश्वास में लेकर एफ0सी0आई0 का आई कार्ड दिखाकर विश्वास में नेता था। मेरा एस०बी०आई० शाखा में खाता सं0-38831288571 है जो फातमान रोड पर सिगरा में पैसा डालने के लिए अक्सर में यहाँ आता जाता था। वहीं के चपरासी संजय कुमार पुत्र स्व नाल जी खजुरी गोला निकट तुलसी निकेतन स्कूल लालपुर- पाण्डेयपुर भाई राम यादव के मकान में किराये पर रहते हैं फातमान एसबीआई जना में चपरासी है आने-जाने से इनसे मेरी मित्रता हो गयी और मैने इनसे बताया कि में एफ०सी०आई० में डी0जी0एम0 के पद पर हूँ मैने फर्जी आई कार्ड भी दिखाया तब इन्होंने मुझसे कहा कि मेरे रिश्तेदार के दो बच्चे हैं जो मेरी मौसी के रिश्ते में आते हैं उन दोनों बच्चों को नौकरी की आवश्यकता है तो मैंने कहा कि मुलाकात करवा दो में दोनों बच्चों की नौकरी लगवा दूंगा और तुम्हारी भी नौकरी लगवा दूंगा। संजय कुमार ने मुझे 2,00,000/-10 मेरे खाते में दिया था मैने संजय के हवाटसअप नम्बर पर नियुक्ति पत्र भेज दिया था और संजय के माध्यम से परमिला व उनके दोनों लड़के प्रेम चन्द्र जयसवारा, जय चन्द जयसवारा मेरे पहाडिया बेनीपुर के मकान पर आये बातचीत हुई तो मैंने परमिता व उनके बच्चों से कहा कि एक लड़के की नौकरी में 10 लाख रुपया वर्ज होगा और मैने उन्हें एफसीआई से सम्बन्धित दस्तावेज दिखाया और बताया कि मैं कई लड़कों की नौकरी लगना चुका हूँ आपके बचों की भी नौकरी लगवा दूंगा जिस पर परमिला में उनके दोनों बच्चे तैयार हो गये तो एसबीआई शाखा फातमान से मेरे खाता सं0 38831288571 में कुल चार बार में 529,000/- जमा किये
और बाकी पैसे के बारे में कही कि 5,00,000/-रू0 नौकरी मिल जाने पर दे दूंगी। मैने एक लड़के का सरकारी कागज दस्तावेज व फार्म भरवाया और मूल प्रमाण पत्र लिया और कहा कि आपके इस लड़के का नियुक्ति पर जाने वाला है फिर मैंने कहा कि एक चपरासी का पद भी खाली है आपके दूसरे बच्चों को भी चपरासी के पद पर नौकरी लगवा दूंगा। 10 लाख रूपया और लगेगा परमिला तैयार हो गयी और उन्होंने जुलाई 2021 में एसबीजाई सिगरा में पैसा जमा करने आगी लेकिन सर्वर न होने के कारण पैसा जमा नहीं हो पाया और उनसे मैंने 10,00,000/-रू0 नगद से लिया था मैने फर्जी एफसीलाई सेवायोजन कार्यालय का एफसीआई से सम्बन्धित अन्य दस्तावेज कूटरचित तैयार कर फर्जी विभागों का मुहर लगाकर उस पर अपना फर्जी हस्ताक्षर कर विश्वास में लेने के लिए दे दिया था मुझसे गलती हो गयी है अब मैं ऐसी गलती नहीं करुगा मांफी चाहता हूँ।
