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गोरखपुर

सरया तिवारी में श्री रुद्रचंडी महायज्ञ का शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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गोरखपुर। जिले के खजनी तहसील अंतर्गत सरया तिवारी गांव इन दिनों भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के समंदर में डूबा हुआ है। सदियों पुराने सिद्ध श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में श्री रुद्रचंडी महायज्ञ (जिसे कुछ स्थानीय संदर्भों में श्री शतचंडी महायज्ञ के रूप में भी उल्लेखित किया जा रहा है), श्री राम कथा और रासलीला का भव्य आयोजन 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) से जोर-शोर से शुरू हो गया है। यह महोत्सव क्षेत्र की प्राचीन परंपराओं को नई जीवनशक्ति दे रहा है और हजारों श्रद्धालुओं को एक सूत्र में बांध रहा है।

कार्यक्रम का शानदार शुभारंभ सुबह 9-11 बजे के बीच भव्य कलश यात्रा से हुआ। सैकड़ों महिलाएं, 101 कन्याएं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर सजे कलश लेकर शामिल हुए। वैदिक मंत्रों का उच्चारण, शंखनाद, ढोल-नगाड़ों की थाप, भजन-कीर्तन और “हर हर महादेव”, “जय माता दी” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यात्रा गांव की प्रमुख गलियों, कुंवर जोते, विश्वनाथपुर सहित विभिन्न मंदिरों से गुजरते हुए पुनिहवा पोखरा तक पहुंची। हाथी-घोड़ा, डीजे, बैंड-बाजा और आकर्षक झांकियों से सजे रथ ने इसे और भव्य बना दिया। यह यात्रा न केवल धार्मिक थी, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक भक्ति का जीवंत प्रतीक बनी।

मंदिर परिसर में पहुंचकर यज्ञ स्थल पर विधि-विधान से पूजन-अर्चना शुरू हुई। प्रतिदिन विद्वान आचार्यों द्वारा श्री रुद्रचंडी के मंत्रों के साथ हवन-पूजन हो रहा है। यज्ञाचार्य डॉ. प्रवीण पांडे विधिवत अनुष्ठान संचालित कर रहे हैं। दोपहर 12 से 3 बजे तक वृंदावन से पधारे श्री श्याम सुंदर दास जी महाराज श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं, जिसमें भगवान के दिव्य चरित्रों से जीवन की प्रेरणा मिल रही है। शाम 7 बजे से वृंदावन धाम के कलाकारों द्वारा रासलीला का मंचन हो रहा है, जो भगवान कृष्ण की लीलाओं के माध्यम से भक्तों के मन को आनंद और शांति प्रदान कर रहा है। शाम को श्री राम कथा का भावपूर्ण वाचन होता है, जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के सत्य, धर्म और कर्तव्य की शिक्षाएं दी जा रही हैं।

यह आयोजन सरया तिवारी में सातवीं या आठवीं बार (स्थानीय परंपरा के अनुसार) हो रहा है, जो गांव की गहरी आस्था और सामुदायिक एकजुटता को दर्शाता है। मुख्य आयोजक राजेश त्रिपाठी, यजमान एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धरणीधर राम त्रिपाठी (एडवोकेट एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष, भाजपा खजनी) तथा नीलकंठ सेवा समिति ट्रस्ट की अध्यक्षता में श्री शंकर जी महाराज के मार्गदर्शन में चल रहा है। क्षेत्र के गणमान्य लोग जैसे गजेंद्र राम त्रिपाठी, अर्जुन राम त्रिपाठी, बृजेश त्रिपाठी, संतोष राम त्रिपाठी, अरविंद त्रिपाठी, लालमन गोंड, संतोष शर्मा, विजय यादव, श्रीराम गुप्ता आदि सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे हैं।

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नीलकंठ महादेव मंदिर सदियों पुराना है और अपनी चमत्कारिक मान्यताओं के लिए विश्वविख्यात है। यहां का शिवलिंग भूगर्भ से स्वयंभू प्रकट हुआ माना जाता है, जो बिना हस्तकमल वाला अनोखा शिवलिंग है।

पौराणिक कथा के अनुसार, महमूद गजनवी ने इसे तोड़ने का प्रयास किया लेकिन असफल रहकर अरबी लिपि में कलमा खुदवा दिया, जिससे यह हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।

महायज्ञ का समापन 20 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को पूर्णाहुति के साथ होगा, जिसमें विशाल भंडारा लगेगा और हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। आयोजकों का मानना है कि यह अनुष्ठान क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति, सकारात्मक ऊर्जा के साथ सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा।

सभी धर्मप्रेमी भक्तों से अपील है कि इस पवित्र महायज्ञ में शामिल होकर भगवान नीलकंठ महादेव और मां रुद्रचंडी का आशीर्वाद प्राप्त करें। सरया तिवारी इन दिनों सच्चे अर्थों में तीर्थ बन चुका है जहां भक्ति की लहरें हर दिल को छू रही हैं।

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