अपराध
सरकारी नौकरी का झांसा देकर सैकड़ों युवाओं से करोड़ों की ठगी, दंपति गिरफ्तार
नई दिल्ली। बेंगलुरु में सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस गिरोह ने कोर्ट सिस्टम में ‘डी-ग्रुप’ पदों पर नियुक्ति का लालच देकर करीब 25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जेसन डिसूजा और लवीना के रूप में हुई है। सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने दोनों को एक बड़े संगठित रैकेट संचालित करने के आरोप में पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से बेरोजगार युवाओं और निजी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को निशाना बनाता था।
पुलिस के अनुसार, दंपति प्रत्येक पीड़ित से 10 लाख से 25 लाख रुपये तक वसूलते थे। जब अभ्यर्थी नौकरी की स्थिति के बारे में जानकारी मांगते, तो आरोपी बहाने बनाकर टालमटोल करते और अंततः फोन उठाना भी बंद कर देते थे। ठगी का एहसास होने पर कई पीड़ितों ने CCB से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई, जबकि बेंगलुरु के एक पुलिस थाने में भी अतिरिक्त मामले दर्ज हुए हैं।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि दोनों को वर्ष 2024 में इसी तरह के एक मामले में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका था। जेल से रिहा होने के बाद इन्होंने फिर से अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं।
पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने एजेंटों का एक नेटवर्क तैयार कर रखा था। ये एजेंट संभावित लोगों को फंसाते, उनसे रकम दिलवाते और अपना कमीशन काटकर शेष राशि दंपति को सौंप देते थे। कुछ मामलों में अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के नाम पर निजी होटलों में बुलाकर नकली नियुक्ति पत्र दिखाए जाते थे, ताकि उन्हें भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास हो सके।
फिलहाल CCB इस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके और अन्य पीड़ितों की पहचान की जा सके।
