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वाराणसी

सड़कों-गलियों में मलबे से बढ़ी दिक्कतें, सफाई कर्मियों पर लापरवाही का आरोप

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सुंदरपुर, कोनिया, जैतपुरा, ईश्वरगंगी-बजरडीहा में सबसे ज्यादा परेशान

पीएम विजिट के समय हटाए गए थे 200 टन मलबा, अब फिर से समस्या

वाराणसी। नगर निगम सीमा में निर्माण सामग्री का मलबा लोग जहां-तहां फेंक रहे हैं। सड़क, गली और कोनों पर ईंट व मलबा पड़े रहते हैं। लोग पैसा बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, जबकि नगर निगम की ओर से प्रति टन शुल्क निर्धारित किया गया है। शिकायत आने पर ही समाधान होता है। इस कारण कई जगहों पर दिक्कतें बढ़ रही हैं।

लोगों का कहना है कि वार्ड के सफाई कर्मचारी मलबा नहीं उठाते। पिछले दिनों प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान 200 टन मलबा सड़क किनारे से हटवाया गया था। अब एक बार फिर से सड़कों और गलियों में मलबा फेंका जाने लगा है। सबसे अधिक दिक्कत गलियों और जाम वाले वार्डों में हो रही है। सुंदरपुर, कोनिया, जैतपुरा, ईश्वरगंगी और बजरडीहा समेत कई इलाकों में मलबे की समस्या गंभीर बनी हुई है।

नगर निगम के सामान्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शहर में फिलहाल 14 स्थानों पर मलबा निस्तारण केंद्र बनाए गए हैं। नव विस्तारित इलाकों में 9 नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। निगम की ओर से स्मार्ट काशी एप से मलबा उठाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन के लिए 525 रुपये प्रति टन शुल्क तय किया गया है। वहीं कोई व्यक्ति खुद कलेक्शन सेंटर तक मलबा पहुंचाता है तो उसे 173 रुपये प्रति टन देना होगा। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने नए मलबा निस्तारण केंद्र जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं।

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