गाजीपुर
संत-महात्मा समाज को सही राह दिखाते हैं: संत पंकज महाराज
नंदगंज (गाजीपुर)। जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा के पड़ाव पर जेवर खेल मैदान में आयोजित समारोह में सन्त पंकज जी महाराज ने कहा सन्त महात्मा व फकीर बहुत दयालु होते हैं। जिस प्रकार विद्यार्थी विद्याध्ययन के लिये स्कूल में जाते हैं। उसी प्रकार सन्तों, महात्माओं, फकीरों के सत्संग आध्यात्मिक पाठशाला होती है। संत बताते हैं कि गृहस्थ आश्रम में रहकर मेहनत, ईमानदारी से अपनी रोजी- रोटी कमाने का काम और परिवार का पालन- पोषण करें।उसी में थोड़ा सा समय निकाल कर भगवान का भजन भी करें। इस कलियुग में दयालु प्रभु ने जीवात्माओं को भवसागर से पार उतारने के लिये सन्तों व फकीरों को भेजा है।
उन्होंने धराधाम पर आकर अपना परिचय देते हुये कहा ‘‘हम आये वहि देश से जहां तुम्हारा धाम, तुमको घर पहुंचाना एक हमारा काम।’’ इसी रास्ते पर चलने के लिये बाबा जयगुरुदेव जी ने आवाज लगाई ,ऐ इन्सानों तुम अपने दीन -ईमान पर वापस आ जाओ। इस मनुष्य मंदिर में बैठकर भगवान का भजन करो। ताकि तुम्हारी जीवात्मा नरको में जाने से बच जाय।

संस्थाध्यक्ष पंकज जी ने कहा मांसाहार के कारण पशु, पक्षियों के बैक्टीरिया मानव शरीर में पहुंच कर तरह-तरह की बीमारियां पैदा कर देते हैं। अभी कुछ वर्ष पहले कोरोना जैसी बीमारी आयी और सारा विश्व तबाह हो गया। इस कठिनाईयों से बचाने के लिये सभी लोग मांस, मछली व अण्डों का परित्याग करें। उन्होंने आगे बताया कि हजारों बुराईयों की जड़ शराब को त्याग दें। जब लोग भगवान पर विश्वास करके अशुद्ध खान-पान त्याग देंगे तो प्रकृति अनुकूल होगी और समय से जाड़ा, समय से गर्मी एवं समय से वर्षा होगी। सभी का जीवन सुखी होगा।
सत्संग के अवसर पर विजय कुमार प्रधान, वीरेंद्र कटियार, इंद्रदेव यादव, राजेंद्र यादव प्रधानाचार्य, ओमप्रकाश कुशवाहा, रोशन यादव, अभिमन्यु यादव ,अविनाश यादव, सहयोगी संगत कानपुर नगर के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह, राम प्रताप यादव, देवनाथ पाल आदि प्रमुख लोग उपस्थित रहें।
