गाजीपुर
संत चंद्रशेखर अघोरी महाराज ने बताया ईश्वर स्मरण का महत्व

कुंडेसर (गाजीपुर)। शेरपुर पंचायत में आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ के दौरान शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर से पधारे संत चंद्रशेखर अघोरी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि “जो व्यक्ति भगवान की शरण में जाता है, वह मायाजाल से मुक्त हो जाता है।” उन्होंने कहा कि ईश्वर का स्मरण सबसे बड़ा हितकारी कार्य है, जो मनुष्य को आत्मज्ञान की ओर ले जाता है।
संत अघोरी महाराज ने समझाया कि ईश्वर की शरण जाने से व्यक्ति पराधीन नहीं होता, बल्कि वह अपनी सच्ची महिमा को पहचानता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे नदी का जल यदि सागर में गिरने के बजाय खेतों की सिंचाई में उपयोग हो, तो वह अधिक लाभकारी होता है। इसी प्रकार, मन की ऊर्जा को व्यर्थ नष्ट करने के बजाय ईश्वर-स्मरण में लगाना चाहिए, जिससे जीवन सार्थक बनता है।
इस अवसर पर परम संत ज्ञानानंद महाराज, योगी बिजेंद्र नाथ, संत मुकेश शास्त्री, अक्षयानंद समेत कई संत महात्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लल्लन राय, शंकरदयाल राय, जिलापंचायत प्रतिनिधि रवींद्र राय, पकालू राय, डॉ. रमेश राय, आनंद पहलवान, गणेश राय, अमरनाथ राय, धनंजय राय, कृष्णानंद उपाध्याय, डब्बू राय, विनीत राय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।