धर्म-कर्म
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे काशीवासी
श्रीमद भागवत कथा – चतुर्थ दिवस
‘मंगल गाओ री, ब्रज में कान्हा आये है…’
रिपोर्ट – प्रदीप कुमार
वाराणसी। सुंदरपुर, नरिया स्थित रामनाथ चौधरी शोध संस्थान का प्रांगण शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उल्लास में डूबा रहा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में चल रही सप्ताहव्यापी श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन कथा में जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया हर कोई भक्ति रस से सराबोर होकर झूमते नजर आए। ‘नंद के आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की’, ‘सभी मिलकर मंगल गाओ री, ब्रज में कान्हा आये है’ आदि बधाई गीतों पर नाचते गाते रहे। मुख्य यजमान महेश चौधरी बासुदेव बनकर सिर पर लडडू गोपाल की छवि को लेकर चल रहे थे, उनके पीछे पीछे भक्त ब्रजवासी बनकर झूमते हुए चल रहे थे। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कथा प्रांगण को भव्य तरीके से सजाया गया था, रंग बिरंगे गुब्बारे से सजे मंच से सभी भक्तों को जन्मोत्सव की बधाई दी गयी। भक्तों में माखन मिश्री, मिठाई, टॉफी, चॉकलेट, खिलौने प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया।
कथा श्रवण कराते हुए आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सुश्री वैष्णवी भारती जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति श्रीकृष्ण की छवि के बगैर अधूरी रह जाती। श्रीकृष्ण ना होते तो उनकी लीला का सुख कैसे मिलता, प्रभु लीलाधारी है जो सबको अपनी ओर खींचते है। उन्होंने कहा कि ईश्वर कर्म बंधन से मुक्त होकर, माया को अपने आधीन बनाकर प्रकट होते है, जब भक्तों के कल्याण की आवश्यकता होती है तो प्रभु का अवतार होता है। श्रीकृष्ण का अवतार जीवन मे जाग्रति लाता है, वें आत्म बोध को जाग्रत करते है। कर्म की जंजीर अत्यंत सूक्ष्म होती है, यही कर्म हमे बंधन में बांधती है, इस बंधन रूपी जंजीर को प्रभु कृपा से ही तोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज समाज मे बालश्रम बहुत बढ़ गया है, इसे रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है। आशुतोष महाराज की प्रेरणा से आज दिव्य ज्योति जाग्रित संस्थान अपने मंथन अभियान के अंतर्गत देशभर में गरीब, असहाय बच्चों की शिक्षा का बीड़ा उठा रहा है, जिसके अंतर्गत बालश्रम की प्रथा को समाप्त कर उन्हें सशक्त करना है।
आरती में इनकी रही उपस्थिति- कथा का शुभारंभ यजमानों द्वारा व्यासपीठ के पूजन से हुआ। मुख्य यजमान महेश चौधरी, कृष्णा चौधरी, गणपत धानुका, किरण धानुका, अरविंद भालोटिया, अनीता भालोटिया, शांति देवी रूंगटा के साथ साथ उत्सव यजमान बीना अग्रवाल, आशीष अग्रवाल एवं सृष्टि अग्रवाल ने आरती उतारी। इस अवसर पर मुख्य रूप से उद्यमी आर के चौधरी, रतन सिंह, मीना अग्रवाल, मनीष गिनोडिया, कृष्ण कुमार काबरा, आनन्द स्वरूप अग्रवाल, सुरेश तुलस्यान, रश्मि लखानी, माधुरी चौधरी, संतोष कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में भक्त गण उपस्थित रहे। संचालन स्वामी अर्जुनानंद ने किया।
