Connect with us

वाराणसी

शाइन-सीटी के एमडी-सीएमडी पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, प्लाट दिलाने के नाम पर हड़पे 16 लाख

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी में शाइन सिटी के एमडी आसिफ नसीम और सीएमडी राशिद नसीम के खिलाफ दो नए मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने दर्ज किए हैं। आरोप है कि दोनों ने बिहार के दो व्यक्तियों से प्लॉट देने के नाम पर 6 लाख और 10 लाख 69 हजार रुपये की ठगी की। पीड़ितों का दावा है कि कई किस्तों में उनसे पैसे लिए गए, लेकिन जब प्लॉट देने का समय आया तो दोनों के फोन बंद हो गए।

फिलहाल कोर्ट के आदेश पर कैंट पुलिस ने दोनों पीड़ितों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्जा कर जांच शुरू कर दी है। हाल ही में ED ने राशिद नसीम को भगौड़ा आर्थिक अपराध अधिनियम में निरुद्ध करते हुए FIR दर्ज कराई है। यह यूपी का पहला व्यक्ति है जिस पर यह धारा लगी है।

चंदवक (वाराणसी-जौनपुर) मार्ग पर प्लाट दिखा कर लिया 10 लाख

बिहार के खगौल-सैदपुरा के निवासी संजय कुमार ने अदालत में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया कि शाइन सिटी के एमडी आसिफ नसीम और सीएमडी राशिद नसीम ने 2019 में उनसे चंदवक रोड स्थित काशियाना सेक्टर में 1000 वर्ग फीट का प्लॉट 10 लाख 69 हजार रुपये में देने का वादा किया था। उन्होंने कंपनी के नियमों के अनुसार किस्तों में राशि भी जमा की, लेकिन जब उन्होंने प्लॉट की मांग की तो कंपनी ने टालमटोल शुरू कर दी। जब संजय ने जांच की, तो उन्हें पता चला कि कंपनी धोखाधड़ी में शामिल है। उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन न तो पैसा मिला और न ही उनकी कॉल का जवाब दिया गया। पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद मामला दर्ज नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने अदालत की मदद ली और मामला दर्ज करवाया।

Advertisement

दूसरा मामला वाराणसी के कैंट थाने में दर्ज हुआ, जो बिहार के गया जिले के कोंच निवासी सनोज कुमार से जुड़ा है। सनोज ने आरोप लगाया कि 2014 में शाइन सिटी के एमडी और सीएमडी ने राजातालाब में एक प्लॉट के नाम पर उनसे 6 लाख रुपये ले लिए। हालांकि, पांच साल बीतने के बावजूद भी प्लॉट का बैनामा नहीं किया गया। सनोज ने अदालत का रुख किया, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ। इस मामले में एमडी और सीएमडी के अलावा राशिद नसीम की पत्नी को भी आरोपी बनाया गया है।

वाराणसी में दर्ज है 110 से अधिक मुकदमे –

अगस्त 2023 में वाराणसी राज्य बनाम अमिताभ श्रीवास्तव केस में सुनवाई शुरू हुई थी। जो उत्तर प्रदेश में शाइन सिटी के विरुद्ध दर्ज 580 से अधिक मुकदमों से पहला मुकदमा था जिसमें सुनवाई शुरू हुई थी। वाराणसी में शाइन सिटी पर 110 से अधिक मुकदमे में EOW के जांच अधिकारी 60 मुकदमे में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुके हैं। इसमें कंपनी के निदेशकों व संचालकों द्वारा धोखाधड़ी करने का आरोप है। लगभग 40 मामलों की जांच चल रही है।

कौन है राशिद नसीम, कब बनी शाइन सिटी कंपनी ?राशिद और उनका भाई आसिफ नसीम कई कंपनियों, जिनमें शाइन सिटी भी शामिल है के निदेशक हैं। इन दोनों ने मिलकर प्लॉट, मकान, हीरे, क्रिप्टो करेंसी, सोना और धन को दोगुना करने का प्रलोभन देकर हजारों लोगों से धोखाधड़ी की है। दोनों भाई प्रयागराज के करैली जीटीबी कॉलोनी के निवासी हैं। उन्होंने लखनऊ समेत देश के कई शहरों में अपने कार्यालय स्थापित किए थे। कंपनी के खिलाफ दर्ज मामलों में अब तक आसिफ नसीम सहित 58 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

ईडी जब्त कर चुका है 189.39 करोड़ की संपत्ति –

Advertisement

शाइन सिटी द्वारा निवेशकों की गाढ़ी कमाई लूटने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी राशिद नसीम के करीबियों की संपत्ति जब्त कर रहा है। बीती 14 सितंबर को प्रयागराज में ईडी ने राशिद नसीम के करीबी और 23 जुलाई को गिरफ्तार किए गए हिमांशु कुमार के नाम से खरीदी गई 29.11 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली। यह संपत्ति शाइन सिटी के निवेशकों से ठगे गए पैसों से बनाई गई थी। ईडी शाइन सिटी मामले में अब तक 189.39 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुका है।

भाई को एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार –

शाइन सिटी के सीएमडी राशिद नसीम के भाई और कंपनी में एमडी आसिफ नसीम को एसटीएफ ने नवंबर 2021 में प्रयागराज से गिरफ्तार किया था, जिसके सिर पर 5 लाख रुपये का इनाम था। लखनऊ में उसके खिलाफ 374 से अधिक मामले दर्ज हैं। कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम को 2019 में नेपाल के काठमांडू से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में नेपाल से ही उसे जमानत मिल गई और वह दुबई भाग गया। फिलहाल वह दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा है और जॉर्जिया की नागरिकता लेने की कोशिश में है। ईओडब्ल्यू ने राशिद के प्रत्यर्पण के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को आवश्यक दस्तावेज भेजे हैं।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page