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अपराध

वाराणसी में युवती को जिंदा जलाने के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद

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सजा सुनते ही फूट-फूट कर रोए, काम ना आई वकील की दलील

वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय ने 10 साल पुराने एक दिल दहला देने वाले मामले में फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। 20 वर्षीय युवती की बेरहमी से हत्या करने वाले तीनों अभियुक्त-गब्बू उर्फ रियाजुद्दीन, उसके भाई बाबूदान और पप्पू उर्फ हसमत को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा और 32-32 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की 25% राशि मृतक युवती के माता-पिता को दी जाएगी।

घटना का विवरण

यह घटना 18 दिसंबर 2014 की है, जब सिगरा थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में 20 वर्षीय युवती अपने घर के पास पानी भर रही थी। इसी दौरान लल्लापुरा निवासी गब्बू, बाबूदान और पप्पू वहां से गुजरते हुए उसे देखने लगे। जब युवती ने विरोध किया तो तीनों ने उसके साथ छेड़खानी की। युवती द्वारा मना करने पर वे लोग उग्र हो गए और दिनदहाड़े उसे दबोचकर उस पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। दर्द से तड़पती युवती को पड़ोसियों ने अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच और कोर्ट ट्रायल

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युवती की मृत्यु से पूर्व दिए बयान और आठ अन्य गवाहों के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता और बिंदू सिंह ने कोर्ट में पक्ष रखा। जज कुलदीप सिंह ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

अंतिम क्षणों में रो पड़े दोषी

फैसला सुनाए जाने के बाद दोषियों ने अदालत में रोते हुए सजा में रियायत की गुहार लगाई। अभियोजन पक्ष ने अदालत से दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील की थी, जबकि बचाव पक्ष ने उनकी उम्र और पारिवारिक स्थिति का हवाला देकर सजा में नरमी की मांग की। कोर्ट ने सभी तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद दोषियों को सख्त सजा दी और उन्हें देर शाम जिला जेल में भेज दिया गया।

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