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वाराणसी

वाराणसी : बिना लाइसेंस संचालित हो रहे सात गेस्ट हाउस सीज, होटल कारोबारियों में हड़कंप

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धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी काशी में हर साल देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में पर्यटक आते हैं। विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद से पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। बनारस शहर में दर्जनों टूरिस्ट स्थल है जिनमें रामनगर, दुर्गाकुंड, संकट मोचन, गंगा घाट, दीनदयाल हस्तकला संकुल, मानस मंदिर, नमो घाट, BHU विश्वनाथ मंदिर आदि प्रमुख है। जो देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर खींच लाते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या देख कर होटल और गेस्ट हाउस वाले बखूबी फायदा उठा रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहे तो शहर में इन दिनों अवैध होटल्स और गेस्ट हाउस की भरमार हो गई है जो बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं।

वाराणसी के सबसे संवेदनशील काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पर्यटन, पुलिस, विद्युत, नगर निगम एवं अग्निशमन अधिकारियों की टीम ने छापेमारी की। टीम ने श्री काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में संचालित बड़े और छोटे गेस्ट हाउसों की पड़ताल शुरू की। येलो जोन में संचालित बिना लाईसेंस गेस्ट हाउस, पेईंग गेस्ट हाउस और लॉज के विरूद्ध कार्रवाई की गई। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अवैध गेस्ट हाउस संचालकों में हड़कंप मचा रहा।

टीम ने आवासीय भवनों में संचालित 8 गेस्ट हाउस, पेईंग गेस्ट हाउस, होटल, लॉज की जांच की। सिटी मजिस्ट्रेट ने दस्तावेज मांगे तो 7 संचालकों के पास पंजीकरण तक नहीं था।‌ होम स्टे चलाने वाले ने अब तक आवेदन भी नहीं किया था।इसके अलावा, 7 बिना किसी पंजीकृत गेस्ट हाउस में नियमानुसार इंतजाम भी नहीं थे। फायर फाइटिंग सिस्टम समेत अन्य कई मानक अधूरे मिले, जिसके बाद सभी को नोटिस जारी की गई। टीम ने अतिथियों को दूसरे जगह शिफ्ट करवाने के साथ सभी को बंद कराया। पुलिस को इन गेस्ट के पुनः संचालन पर निगरानी रखने के साथ हर हाल में रोकने का निर्देश दिया।

सूत्रों के अनुसार, शहर 300 यात्री गृह और लाज संचालित हो रही हैं, जिनमें आग बुझाने के लिए किसी भी तरह का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में भविष्य में खतरा हो सकता है। बनारस शहर में 250 से अधिक होटल चल रहे हैं। शहर के ज्यादातर होटल संचालकों द्वारा अभी तक फायर एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया गया। 

ऐसे में देखना यह है कि पुलिस विभाग,‌ नगर निगम और अग्निशमन विभाग कार्रवाई से बचे होटल्स और गेस्ट हाउस के संचालकों पर कब कार्रवाई करती है।

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मुख्य अग्निक संबंध अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि, किसी होटल गेस्ट हाउस को लाइसेंस लेना होता है तो सबसे पहले वह जिला प्रशासन को अप्लाई करते हैं। फिर उसके बाद हम उनके डॉक्यूमेंट्स को आईडेंटिफाई करने के बाद अप्रूवल देते हैं। जिनके पास लाइसेंस नहीं होता है उनके होटल या गेस्ट हाउस को सील कर दिया जाता है।

वाराणसी के पर्यटन अधिकारी आर के रावत ने बताया कि, बनारस में देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में टूरिस्ट आते हैं। यहां आने के बाद लोग होटल या फिर गेस्ट हाउस में विजिट करते हैं। टूरिस्ट को पता नहीं रहता कि फलाना होटल के पास फायर एनओसी है या नहीं ? ऐसे होटल और गेस्ट हाउस में फायर यूनिट सहित बचाव के जरुरी उपकरण सिर्फ नाम मात्र के होते हैं। जो आगजनी की घटना के बाद काम बिल्कुल नहीं आता। हम आगे भी ऐसे होटल्स और गेस्ट हाउस का औचक निरीक्षण करेंगे। यदि इन होटलों और गेस्ट हाउसों में मानक सुरक्षा के लिहाज से उपकरण नही मिलते हैं तो उन पर सीज की कार्रवाई की जायेगी।

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