वाराणसी
वाराणसी जेलों में बंदियों की मुलाकात अब खुफिया विभाग की निगरानी में
वाराणसी की जेलों में अब उत्पाती बंदियों की मुलाकात खुफिया विभाग के अधिकारियों की निगरानी में हो रही है। यह कदम सरकार की नई व्यवस्था के तहत उठाया गया है ताकि बंदी बाहरी दुनिया में कोई खास संदेश न पहुंचा सकें। विशेषकर वाराणसी की सेंट्रल जेल में बंद जम्मू कश्मीर के उग्रवादियों और आतंकवादियों की मुलाकात भी सीसी कैमरों के सामने सुरक्षा और इंटेलिजेंस अधिकारियों की मौजूदगी में कराई जा रही है।अब से प्रशासनिक बंदियों को अपनी मुलाकात के लिए पहले खुफिया विभाग से अनुमति प्राप्त करनी होगी।
वे जिन दस लोगों के नाम सुझाएंगे उनका वेरिफिकेशन खुफिया विभाग करेगा। यदि सब कुछ सही पाया गया, तभी उन्हें मुलाकात की अनुमति दी जाएगी। जेल में मौजूदा समय में लगभग चार हजार कैदी हैं, जिनमें से सेंट्रल जेल में 23 और जिला जेल में 10 कैदी प्रशासनिक आधार पर अन्य जेलों से लाए गए हैं। इनसे मिलने आने वालों की मुलाकात अब सीसी कैमरे में रिकॉर्ड की जा रही है, और मुलाकात के दौरान खुफिया विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य है।
जम्मू कश्मीर से जुड़े कैदियों से मिलने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को पहले से सूचना दी जाती है और उनके समक्ष ही इन कैदियों की मुलाकात कराई जाती है। इसके अलावा सामान्य बंदियों से भिन्न इन विशेष बंदियों की मुलाकात एक अलग कमरे में अधिकारियों की निगरानी में होती है।
इसके साथ ही जेल परिसर की सुरक्षा के लिए 61 सीसी कैमरे लगाए गए हैं और अब प्रशासन ने शासन से 50 और कैमरे लगाने की मांग की है ताकि जो स्थान अब भी कैमरे की निगरानी से बाहर हैं उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
