गोरखपुर
यूपी में SIR की समय-सीमा एक माह बढ़ी, अब 6 मार्च तक दावा-आपत्ति का अवसर
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया की समय-सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया गया है। अब आमजन 6 मार्च तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी। समय-सीमा बढ़ने से लाखों मतदाताओं को राहत मिली है, जो विभिन्न कारणों से अब तक अपने नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्तियां दर्ज कराने से वंचित रह गए थे।
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने, पते व अन्य विवरणों में सुधार जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। बढ़ी हुई अवधि में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और निर्वाचन कार्यालयों के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों से यह मांग उठ रही थी कि समय-सीमा कम होने के कारण लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों, प्रवासी श्रमिकों और युवाओं को अधिक समय की आवश्यकता थी। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
निर्वाचन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं, ताकि अंतिम सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। 6 मार्च के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 10 अप्रैल को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी।
समय-सीमा बढ़ने से आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने में मदद मिलेगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत आधार मिलेगा।
