वाराणसी
मानव तस्करी में दो दोषियों को उम्रकैद, आठ आरोपी बरी
वाराणसी। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) वाराणसी ने मानव तस्करी के एक गंभीर मामले में दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने झारखंड के कोडरमा निवासी कुलदीप पासवान और पश्चिम बंगाल के 24 परगना निवासी नंदलाल राम को दोषी ठहराते हुए दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इससे पहले अदालत ने पांच दिसंबर को दोनों को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा निर्धारण पर सुनवाई अंतिम बहस के उपरांत न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया। वहीं, पर्याप्त सबूत न होने पर जगबीर बरनवाल, संतोष साव, अनुराधा देवी, गुड़िया, संगीता देवी, मनीष जैन, संतोष गुप्ता और शिखा देवी को बरी कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, राजघाट क्षेत्र में रहने वाली पिंकी अप्रैल 2023 की रात अपने एक वर्षीय बच्चे के साथ घर में सो रही थी। 29 अप्रैल को रात करीब दो बजे उसका बच्चा गायब हो गया। बच्चे की चोरी के बाद जांच शुरू की गई और पुलिस ने 19 जुलाई 2023 को कोडरमा से कमलेश पासवान को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया कि कोडरमा की अनुराधा देवी ने इस बच्चे को कमलेश के माध्यम से नंदलाल राम के हाथों बेच दिया था। इस खुलासे के बाद पुलिस 20 जुलाई 2023 को कुलदीप पासवान को साथ लेकर पश्चिम बंगाल पहुंची, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद किया गया और नंदलाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरी विवेचना के बाद पुलिस ने सभी आरोपितों के विरुद्ध आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने दो आरोपियों की संलिप्तता सिद्ध होने पर उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
