वाराणसी
बिना उद्घाटन शुरू हुआ कज्जाकपुरा आरओबी
वाराणसी। करीब छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कज्जाकपुरा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का संचालन शुरू कर दिया गया। किसी औपचारिक उद्घाटन या हरी झंडी के बिना शुरू हुए इस आरओबी पर जैसे ही वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, वैसे ही शहर के जाम से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी। आरओबी के अनौपचारिक रूप से खुलने को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर भी चलता रहा।
कज्जाकपुरा आरओबी का निर्माण पोर्टेबल फ्रेम तकनीक से किया गया है। इसकी समयसीमा सात बार बढ़ाई जा चुकी थी। निर्माण की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय थी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने स्वयं निरीक्षण कर राजकीय सेतु निगम को एक दिसंबर से आरओबी चालू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तकनीकी और विभागीय कारणों से इसमें कुछ दिन की देरी हो गई। अंततः बीती शाम इसे अनौपचारिक रूप से आम जनता के लिए खोल दिया गया।
बीते दिनों रेलवे अंडरपास पर बो स्ट्रिंग गर्डर की कंक्रीट ढलाई का कार्य पूरा किया गया था। इसके बाद फाइनल टच देने के साथ पिच रोड निर्माण का काम भी तेजी से कराया गया, जो अब पूरा हो चुका है। हालांकि इस आरओबी का औपचारिक लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना को देखते हुए अधिकारी इस विषय में खुलकर कुछ कहने से बचते रहे।
कज्जाकपुरा आरओबी का निर्माण कार्य सितंबर 2019 में शुरू हुआ था और इसे जून 2022 तक पूरा किया जाना था। कार्य की धीमी प्रगति के चलते शासन ने इसकी समयसीमा पहले मार्च 2024, फिर दिसंबर 2023, इसके बाद मार्च 2024 और अंततः जून 2025 तक बढ़ाई। बावजूद इसके कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका।
निर्माण अवधि के दौरान कज्जाकपुरा रेलवे क्रॉसिंग को बंद करने को लेकर काफी समय तक असमंजस की स्थिति बनी रही। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ट्रैफिक विभाग से अनुमति मिलने पर रेलवे क्रॉसिंग बंद की गई। रेलवे अंडरपास और आसपास के मार्गों पर भी कई बार आवागमन रोका गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने कई बार विरोध और आंदोलन भी किया।
कज्जाकपुरा आरओबी का संचालन शुरू होना न केवल आसपास के इलाकों बल्कि पूरे शहर के लिए अहम माना जा रहा है। इससे यातायात दबाव कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। हालांकि निर्माण में हुई लंबी देरी ने स्थानीय निवासियों के सामने कई चुनौतियां खड़ी कीं। अब आरओबी के शुरू होने के बाद सबकी निगाहें इसके औपचारिक उद्घाटन और यातायात पर इसके वास्तविक प्रभाव पर टिकी हैं।
