वाराणसी
बदल रही है मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट की सूरत
वाराणसी। धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी काशी में मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह की सूरत अब बदल रही है। प्रत्येक वर्ष जब बाढ़ आता है तो घाट की सीढ़ियां डूब जाती हैं। ऐसे में शव की अंत्येष्टि करने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में ऐसी असुविधा का सामना न करना पड़े, इसलिए इसे ध्यान में रखते हुए CSR फंड से शव स्थलों का कायाकल्प कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन की देखरेख में घाटों का विकास कार्य तेजी से चल रहा है। नाव के जरिए बड़ी मशीन पहुंचाई गई हैं। मणिकर्णिका घाट के आसपास के हेरिटेज स्थलों को भी नया स्वरूप दिया जाएगा। इसमें चक्र पुष्करिणी, रत्नेश्वर महादेव मंदिर, तारकेश्वर मंदिर और दत्तात्रेय पादुका का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।

इसके अलावा घाट पर सीढ़ियों और सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है। भूतल पर पंजीकरण कक्ष, लकड़ी को स्टोर करने का एरिया, दाह संस्कार के 19 बर्थ, सामुदायिक प्रतीक्षा कक्ष, दो सामुदायिक शौचालय और अपशिष्ट ट्रालियों के स्थापन और मुंडन क्षेत्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
