अपराध
बड़े हमले की साजिश नाकाम, नौगढ़ में 125 किलो विस्फोटक बरामद
चंदौली पुलिस ने नौगढ़ में एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 125 किलो अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की। सूचना मिलने पर पुलिस ने छापा मारकर दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो इस खतरनाक योजना में शामिल थे। यह कार्रवाई क्षेत्र में एक बड़ी दुर्घटना की आशंका को टालने में सफल रही है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा को गुप्त सूचना मिली थी कि कस्बे के एक किराए के मकान में विस्फोटक सामग्री छिपाई गई है। सूचना पर नौगढ़ पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और मकान पर छापा मारा। इस दौरान पांच पेटियों में 1000 बेलनाकार विस्फोटक गोलियां बरामद हुईं, जिनका कुल वजन 125 किलो था।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान दिनेश कुमार (निवासी ग्राम रामपुर चमरही, थाना चकिया) और शिवाकांत सिंह यादव (निवासी वार्ड नंबर 5, नगर पंचायत चकिया) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि अभियुक्तों के पास से किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं मिला। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने विस्फोटक की खरीद-फरोख्त और उसके इस्तेमाल को लेकर चुप्पी साध रखी है। पुलिस अब इनके नेटवर्क और संभावित बड़े षड्यंत्र के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है।
बड़े हमले की आशंका, सुरक्षा बढ़ाई गई
सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने से इस बात की संभावना जताई जा रही है कि यह किसी बड़े हमले की तैयारी हो सकती थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि विस्फोटक कहां से लाया गया था और इसे किस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
इस मामले में थाना प्रभारी कृपेंद्र प्रताप सिंह, उप निरीक्षक अभय कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल आशुतोष सिंह और परशुराम राम की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ने उनकी तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र की सुरक्षा में एक बड़ी उपलब्धि है। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
विस्फोटक सामग्री का स्रोत
यह बात भी हैरान करने वाली है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री नौगढ़ कस्बे में कैसे पहुंची। पुलिस की जांच जारी है और सभी पहलुओं पर ध्यान रखा जा रहा है। पुलिस ने यह भी कहा कि वह गिरफ्तार अभियुक्तों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश से जुड़े सभी लोगों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
क्या यह एक स्थानीय साजिश थी या इसके तार किसी बड़े अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े थे, यह रहस्य पुलिस की जांच में जल्द सामने आएगा।
