वाराणसी
फरवरी-मार्च में ही बजेगी शहनाई, खरमास से पहले ही थमे विवाह के मुहूर्त
वाराणसी। खरमास के साथ ही वैवाहिक लग्नों की शृंखला समाप्त होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस बार खरमास आरंभ होने के 11 दिन पूर्व ही वैवाहिक लग्न समाप्त हो गए। 5 दिसंबर को इस सत्र के अंतिम वैवाहिक लग्न का लड्डू लोगों ने खाया। इसका कारण ग्रह-नक्षत्रों की चाल बताई जा रही है। अब अगली बार लग्न शुरू होने में लगभग दो महीने का अंतराल होगा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि पांच दिसंबर को इस सत्र का अंतिम वैवाहिक मुहूर्त था। 6 दिसंबर को मृत्यबाण योग होने के कारण लग्न नहीं है। 7 और 8 दिसंबर को नक्षत्रों का मेल नहीं होने से विवाह के मुहूर्त नहीं मिलेंगे। इसके बाद 9 दिसंबर से शुक्र का वार्धक्य आरंभ हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि वृद्ध होकर शुक्र 11 दिसंबर को अस्त हो जाएगा। इसके बाद वैवाहिक लग्न मुहूर्त की कोई संभावना नहीं बचेगी। शुक्र अस्त होने के पांच दिन बाद 16 दिसंबर से खरमास आरंभ होगा। यह खरमास 14 जनवरी 2026 की रात 9:39 बजे समाप्त होगा।

प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार 14 जनवरी की रात सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होने के साथ खरमास समाप्त होगा। 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पुण्यकाल प्राप्त होगा। इसके बावजूद वैवाहिक लग्न शुरू नहीं होंगी क्योंकि शुक्र तब भी अस्त रहेंगे।
उन्होंने बताया कि शुक्रोदयी एक फरवरी को होगा, लेकिन उस समय शुक्र बाल्यावस्था में रहेंगे। 4 फरवरी की शाम को शुक्र बालत्व से निवृत्ति प्राप्त करेंगे और उसी दिन से वैवाहिक लग्न पुनः आरंभ हो जाएंगे।
फरवरी के महीने में वैवाहिक लग्न की तिथियां 04, 05, 06, 10, 11, 12, 13, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी तक की है। जबकि मार्च के महीने में 9, 10, 11, 12, 13, 14 मार्च तक विवाह का मुहूर्त रहेगा इसके पश्चात 15 मार्च की शाम से पुन: खरमास आरंभ हो जायेगा।
