गाजीपुर
पत्रकार को अपहरण और हत्या की धमकी, जंगीपुर थाना अध्यक्ष शिवमणि त्रिपाठी की लापरवाही उजागर
पत्रकार सहित पूरा परिवार दहशत में
जंगीपुर (गाजीपुर) जयदेश। जिले के जंगीपुर थाना क्षेत्र में एक पत्रकार पर हुए कथित जानलेवा हमले के बाद भी पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार ने थाना अध्यक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इस घटना के बाद से पत्रकार का पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन यापन कर रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगीपुर थाना क्षेत्र के निवासी और जिले के चर्चित पत्रकार प्रदीप दुबे पुत्र रामजी दुबे पर 2 मार्च को पांच लोगों द्वारा कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें मारने की नीयत से घेरकर हमला किया, जिससे उनकी जान पर बन आई। घटना के बाद उन्होंने जंगीपुर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।
बताया जा रहा है कि तहरीर दिए जाने के कई दिन बाद भी पुलिस ने अभी तक इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि जंगीपुर थाना अध्यक्ष शिवमणि त्रिपाठी द्वारा मामले में लगातार टालमटोल किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब भी वह थाने में मामले की जानकारी लेने पहुंचते हैं तो उन्हें यही कहा जाता है कि “मामले की जांच की जा रही है।”
पीड़ित पत्रकार के अनुसार हमले में शामिल कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। आरोप है कि हमले में शामिल कर्मवीर सिंह और सोनू सिंह हिस्ट्रीशीटर हैं, जिनके खिलाफ गाजीपुर सहित अन्य जिलों में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा आरोपियों के गिरोह में मुख्य रूप से भोला ठाकुर पुत्र रतन सिंह, लकी राजभर, विक्रम सिंह पुत्र विनोद सिंह और नितेश सिंह पुत्र रतन सिंह के नाम भी सामने आए हैं।
घटना के बाद से पीड़ित पत्रकार और उनका परिवार काफी डरा हुआ है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। आरोप है कि हमलावरों द्वारा बार-बार जान से मारने और परिवार के सदस्यों को गायब कर देने की धमकी दी जा रही है, जिससे घर के बच्चे, बुजुर्ग और अन्य सदस्य भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
इस संबंध में स्थानीय पत्रकारों द्वारा जब पीड़ित पत्रकार प्रदीप दुबे से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि बार-बार थाने जाने के बावजूद सिर्फ जांच का हवाला दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पुलिस किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रही है।
प्रदीप दुबे ने कहा कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उनके परिवार के अपहरण की भी धमकी दी जा रही है। ऐसे में अगर उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जंगीपुर थाना प्रशासन की होगी। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोगों के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं पत्रकार संगठनों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा देने की मांग की जा रही है।
