गाजीपुर
निलंबित लेखपाल की हत्या की साजिश नाकाम, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, तीसरा फरार
गाजीपुर। जिले के खानपुर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। निलंबित लेखपाल सिद्धार्थ राय ने कथित रूप से अपने पूर्व मोबाइल के जरिए हत्या की धमकी देने का संकल्प लिया था, जिसको उसने इसे अंजाम देने के लिए दो अपराधियों के साथ ग्राम सभा सरवरपुर के प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह यादव एवं जयदेश समाचार पत्र के खानपुर संवाददाता के घर पहुंचा। हालांकि, आशुतोष यादव के घर पर मौजूद न होने के कारण, उन्होंने उनके भाई चंदन यादव से विवाद कर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच, आरोपियों ने मौके से भागने की कोशिश की और खानपुर बाजार की ओर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही चंदन यादव ने तत्काल पुलिस को अवगत कराया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लेखपाल सिद्धार्थ राय और उसके एक साथी को शराब के ठेके के पास से गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी भागने में सफल रहा।
सूत्रों के मुताबिक, यह लेखपाल पहले भी पत्रकारों और एमएलसी विधान परिषद सदस्य प्रतिपक्ष नेता लखनऊ को मोबाइल पर गाली देकर धमकी दे चुका था। इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है, क्योंकि पूर्व में थाना प्रभारी खानपुर और तहसीलदार सैदपुर को इस साजिश की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
गलीमत रही कि घटना के वक्त आशुतोष यादव अपने पिता के दवा के लिए वाराणसी गए हुए थे, अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी। जानकारी के अनुसार पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी जिसका नंबर UP 65 BM 6180 है जिसको मौके से बरामद किया गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब तक होती है।
