वाराणसी
नगर निगम में अब नहीं होगे छोटे-छोटे टेंडर:

कार्यकारिणी की बैठक में महापौर ने मंगाया सेब, खुली प्रतिबंधित प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने की पोल
वाराणसी।वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी के बैठक में शहर के गलियों में हो रहे सीवर सफाई के काम में तेजी लाने के लिए अहम निर्णय लेते हुए अब छोटे – छोटे कार्यों के लिए टेंडर की परंपरा खत्म करने का निर्णय लिया है। इसके स्थान पर शहर में निर्माण विभाग की 17 चौकियों पर निगम संविदा के कर्मचारियों की तैनाती करेगा। इस क्रम में चौकियों पर 55 बेलदार,पांच मेठ व 11 सुपरवाइजर की तैनाती कर भी दी गई है। निर्माण सामग्री क्रय करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है ताकि 24 घंटे के भीतर छोटे – छोटे कार्य कराए जा सकें।
सीटीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र
निगम ने 15 अगस्त तक एक लाख भवनों पर क्यूआर कोड लगाने का लक्ष्य रखा है। एक्सिस बैंक सीएसआर फंड से निगम को 52 हजार क्यूआर कोड उपलब्ध करा सका है। वहीं निगम महज अब तक महज 22 हजार भवनों में क्यूआर कोड लगवा सका है। महापौर ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश कुमार सोनकर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया है।
11 अगस्त तक 33 हजार लोगों ने जमा किया हाउस टैक्स
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि 11 अगस्त तक शहर के 33 हजार भवन स्वामियों ने गृहकर जमा किया है, जिसमें 12 करोड़ रुपये गृहकर के मद में जमा किए गए है। सबसे अधिक टैक्स जमा करने वाला वरुणापार जोन है। इस जोन में सबसे अधिक होटल और कॉमर्शियल बिल्डिग हैं। नगर निगम में पहले पांच जोन थे। अब रामनगर जोन भी जुड़ चुका है। तब से टैक्स का कलेक्शन का ग्राफ बढ़ा है। वरुणापार जोन में 9812 भवन स्वामियों ने 3.85 करोड़, दशाश्वमेध जोन में 6462 भवन स्वामियों ने 3.31 करोड़, भेलूपुर जोन के अन्तर्गत 8572 भवन स्वामियों ने 2.74 करोड रुपये जमा किया।