वाराणसी
डॉ. राम मनोहर लोहिया की 116वीं जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित
जातिवाद व गैरबराबरी खत्म करने पर लोहिया के विचारों को किया गया याद
वाराणसी। डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज भैरव तालाब राजा तालाब वाराणसी में सोमवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया की 116 जयंती के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंधक एवं प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए लोक बंधु राज नारायण के प्रपौत्र एवं महाविद्यालय के प्रबंधक सुशील कुमार सिंह तोयज ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया भारतीय राजनीति और समाज सुधार के एक प्रमुख विचारक थे। उन्होंने समाजवाद ,जाति उन्मूलन, समानता और आर्थिक स्वतंत्रता पर विशेष जोर दिया। उनका मानना था कि भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जातिवाद , पूंजीवाद और गैर बराबरी को समाप्त करना आवश्यक है ।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने सप्त क्रांति के माध्यम से शोषण मुक्त समाज का सपना देखा था, और गरीबी अमीरी की खाई पाटने, पिछड़ों, महिलाओं को आरक्षण देने हिंदी व क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की वकालत की।
संगोष्ठी में अन्य वक्ताओं में प्रोफेसर सुमन लता देवी, प्रोफेसर नरेंद्र नारायण राय , प्रोफेसर बृजेश कुमार जायसवाल, डॉ. सुप्रिया राय, डॉ. हेमंत सिंह ,डॉ. मनोज कुमार यादव, डॉ. साक्षी जायसवाल आदि ने अपने-अपने विचार प्रकट किये। संगोष्ठी की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने किया तथा संचालन डॉक्टर कृपाशंकर पाठक ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर सुमन लता ने किया।
