गोरखपुर
ठगी के बाद भी नहीं हारी उम्मीद, पीड़िता को मिली पूरी रकम वापस
गोरखपुर। जनपद में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला के खाते से निकाले गए 1,42,000 रुपये वापस दिलाकर सराहनीय कार्य किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में यह पूरी कार्रवाई संपन्न हुई। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक मु. रसीद खाँ के नेतृत्व में टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने साइबर थाना में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कुछ दिन पूर्व वह अपने ससुराल गई थीं। इसी दौरान उनके बैंक खाते से कुल 1,42,000 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल साइबर थाना गोरखपुर को सूचित किया।
सूचना मिलते ही साइबर थाना की टीम सक्रिय हो गई और बिना विलंब आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की तत्परता और प्रभावी प्रयासों के चलते महिला की पूरी धनराशि वापस कराई जा सकी, जिससे पीड़िता को बड़ी राहत मिली।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मु. रसीद खाँ, उप निरीक्षक प्रभात, हेड कांस्टेबल रविनाथ यादव, कांस्टेबल दीपचन्द्र भारती और कांस्टेबल राम प्रसाद चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अज्ञात लिंक, APK फाइल या संदिग्ध संदेश पर क्लिक न करें, बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी जैसे OTP, CVV और UPI PIN किसी के साथ साझा न करें तथा अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल रिसीव करने से बचें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को धनराशि हस्तांतरित करने से परहेज करें।
पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय रहते सूचना देने पर नुकसान की भरपाई संभव हो सकती है।
साइबर थाना गोरखपुर की यह कार्रवाई पुलिस की सक्रियता और दक्षता का उदाहरण प्रस्तुत करती है तथा आम जनता को यह संदेश देती है कि सतर्कता और त्वरित शिकायत से साइबर अपराध के मामलों में राहत पाई जा सकती है।
