वाराणसी
“जल ही जीवन है, जल का संरक्षण करें” : संत स्वामी प्रेम स्वरूप दास
सुबह-ए-बनारस के तत्वावधान में हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की छात्राओं ने ‘जल संरक्षण’ करने का लिया संकल्प
रिपोर्ट – सुभाष चंद्र सिंह
वाराणसी। इस बार जिस प्रकार से पूरे देश को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है और आम जन मानस को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। यह विषय बड़ा ही चिंतनीय होता जा रहा है। लगातार गिरते जा रहे भूजल स्तर इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो देश के लोगों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ेगा। अभी भी लाखों लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचता है। इस समस्या के समाधान का एक तरीका वर्षा जल संरक्षण है।
वर्षा ऋतु आरंभ होने पर प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करने एवं पानी की समस्या की गंभीरता को देखते हुए मछोदरी स्थित श्री स्वामी नारायण मंदिर के महन्त प्रेम स्वरूप दास के निवेदन पर सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष समाजसेवी मुकेश जायसवाल, हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ० प्रियंका तिवारी, कोषाध्यक्ष नंदकुमार टोपी वाले के नेतृत्व में मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज के परिसर में जल संरक्षण एंव जल की बर्बादी ना करने के अपील के साथ कॉलेज की छात्राओं के बीच हाथों में खाली घड़ा लेकर शपथ समारोह का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने कहा कि, हमारे देश-प्रदेश के कई प्रांत भूमिगत जल की कमी की समस्या से बुरी तरह से जूझ रहे हैं। जिसका अच्छा खासा असर हमारे जिले में भी दिखने लगा है। लोग पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निबटने के लिए हम सबको कदम से कदम मिलाकर साथ चलना होगा। संस्था द्वारा आपसे और आपके पास-पड़ोस के साथ परिवार को भी पानी की बर्बादी ना करने की अपील किया जा रहा है। आए दिन देखने को मिलता है कि, लोग बेवजह पानी की बर्बादी करते हैं। जबकि पानी उनके जीवन का आधार है। हमें इस मर्म को समझना होगा। जल संरक्षण की ओर एक सकारात्मक पहल करना होगा, तथा भावी पीढ़ी के लिए पानी का संचय करना होगा।

जल संरक्षण के माध्यम से भावी पीढ़ी को जल संकट से बचाया जा सकता है। हर देश वासियों को यह संकल्प लेना होगा कि वह जल संरक्षण को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे तथा किसी भी स्थिति में शुद्ध पेयजल को बर्बाद नहीं होने देंगे।
सभी काशीवासियों से अपील है, कि जागरूकता के तहत अपने को जागरूक करने के साथ आस-पड़ोस के लोगों को भी जागरूक करते हुए निम्न निर्देशों का पालन का संकल्प ले कि जहां कहीं भी पाइप से रिशन हो उसको रोके, टूटे जोड़ टूटे पाईप तथा टोटिया जल्द से जल्द ठीक कराएं, हाथ धोते समय सेविंग के समय कम से कम पानी बर्बाद करें। पानी के इंतजार में टोटी खुला ना छोड़े ओवरहेड टैंकों से पानी ना बहने दे। कार, छत,फर्श, पशु तथा सड़क धोने में पेयजल का प्रयोग ना करें, सड़क एवं निर्माण कार्यों में जहां पर पेयजल के बिना भी काम चल सकता है पेयजल का प्रयोग ना करें, नहाते वक्त जरूरत से ज्यादा पानी ना बहाए इत्यादि चीजों को अपने दिनचर्या में शामिल कर लेंगे तो निश्चित रूप से आप पानी के बर्बादी से बचेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुकेश जायसवाल, डॉ प्रियंका तिवारी,गणेश सिंह, नंदकुमार टोपी वाले, श्याम दास गुजराती, बी.डी. टकसाली, ललित गुजराती सहित कॉलेज की सैकड़ों छात्राएं शामिल रहीं।
