गाजीपुर
जमानियां में कूड़ा निस्तारण बनी गंभीर समस्या, राहगीर परेशान
जमानियां (गाजीपुर)। नगर क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण की समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है। नगर पालिका परिषद द्वारा प्रतिदिन लगभग 5 टन कूड़ा नगर के विभिन्न वार्डों से एकत्र किया जाता है, लेकिन इसके समुचित निस्तारण की व्यवस्था न होने से यह कूड़ा नगर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर खुले में डंप किया जा रहा है, जिससे नगरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषकर काशीराम आवास और कान्हा गौशाला के समीप स्थित खाली स्थानों को अस्थायी डंपिंग स्थल बना दिया गया है। यहां रोजाना सफाईकर्मियों द्वारा लाया गया कचरा डंप किया जाता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भीषण दुर्गंध फैल रही है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि आने-जाने वाले राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका को इस संबंध में शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। काशीराम आवास के निवासियों ने बताया कि खुले में डंप किए जा रहे कूड़े से मच्छर, मक्खी और अन्य रोगजनक जीव पनप रहे हैं, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

इस संबंध में जब नगरपालिका अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि “हमारे नगर का MRF (Material Recovery Facility) सेंटर फुल्ली में स्थापित है, जहां कूड़े का निस्तारण किया जाता है। परंतु वर्तमान में कुछ स्थानों पर डंपिंग की स्थिति अस्थायी है। हम प्रयासरत हैं कि शीघ्र ही एक सुव्यवस्थित और स्थायी कूड़ा निस्तारण प्रणाली लागू की जाए।”
हालांकि, स्थानीय जनता का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। बिना किसी उचित योजना और दिशा-निर्देश के, नगर क्षेत्र के खुले स्थानों पर कूड़ा डंप करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह नगर के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है।
नगरवासियों ने जिला प्रशासन और नगरपालिका से मांग की है कि नगर में जल्द से जल्द ठोस कचरा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को प्रदूषण और बीमारियों से राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कूड़ा डंप करने से पहले स्थानीय जनता की सहमति ली जाए और स्वच्छता को प्राथमिकता में रखा जाए।
