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गोरखपुर

चार करोड़ से अधिक की ठगी, कोर्ट के आदेश पर दंपती समेत 11 पर मुकदमा दर्ज

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गोरखपुर। गोरखपुर में ई-कॉमर्स पोर्टल और फर्जी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का झांसा देकर 4.88 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। तिवारीपुर निवासी साजिद मेराज की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद एक दंपती समेत 11 लोगों के खिलाफ जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच कोतवाली थाना पुलिस कर रही है।

शिकायतकर्ता साजिद मेराज के अनुसार, आरोपी सुनील सिंह सैंथवार खुद को सन इंटरप्राइजेज, सनड्रोपशिप ई-कामर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सनड्रापशिप रिसेलर प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजिंग डायरेक्टर बताता था। वह निवेशकों को आश्वस्त करता था कि एसडीआर कार्ट नामक ई-कॉमर्स पोर्टल पर गोल्ड, मोबाइल और भूमि की बुकिंग करने पर 180 से 210 दिनों में उत्पाद के साथ दो से चार प्रतिशत मासिक प्रॉफिट दिया जाएगा।

शुरुआती बैठकों में सुनील ने आकर्षक प्रेजेंटेशन और चमकीले योजनाओं के माध्यम से भरोसा जीत लिया, जिसके बाद साजिद ने शुरुआती तौर पर 4 लाख रुपये निवेश कर दिए। इसके बाद सुनील सिंह ने निवेश को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का रूप दे दिया और दावा किया कि वह साजिद को पार्टनर बनाएगा। उसने भरोसा दिलाया कि छह महीनों के भीतर बाराबंकी के पल्हरी में 20 हजार वर्गफुट भूमि, लखनऊ के रोलेक्स एस्टेट में एक फ्लैट, पुर्दिलपुर में कमर्शियल शॉप और विभूति खंड, एक्सपेरिआन बिल्डिंग में ऑफिस स्पेस की रजिस्ट्री उनके नाम कर देगा।

साजिद के अनुसार, फर्जी दस्तावेज दिखाकर सुनील लगातार विश्वास दिलाता रहा। इस दौरान उन्होंने आईडीबीआई बैंक से 1.05 करोड़ रुपये का लोन लिया तथा रिश्तेदारों और परिचितों से 50 लाख रुपये उधार भी लिए। आने वाले महीनों में दर्जनों अन्य निवेशकों की ओर से करीब 4.5 करोड़ रुपये सुनील द्वारा बताए गए खातों में जमा किए गए, जो बाद में उसके नेटवर्क के लोगों के खातों में भी ट्रांसफर किए गए। दस्तावेजों की जांच में सभी कागजात फर्जी पाए गए।

पीड़ित ने तीन नवंबर को थाने और जनसुनवाई केंद्र में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने सुनील सिंह, उसकी पत्नी वीना सिंह, बेटी शुभी सिंह, बेटा प्रांशु सिंह, सहयोगी योगेंद्र सिंह, अहमद अली, हरेंद्र अली, इकबाल अहमद, इम्तेयाज अहमद, निदेशक अरविंद कुमार और मनीष यादव पर मुकदमा दर्ज कर उनके खातों से हुए लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।

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