गाजीपुर
घरेलू गैस की किल्लत से उपभोक्ता परेशान, प्रशासन के दावे पर उठे सवाल
गाजीपुर (जयदेश)। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर प्रशासन और उपभोक्ताओं के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। एक ओर जिला प्रशासन का कहना है कि जनपद में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के मद्देनजर विभिन्न संचार माध्यमों पर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि पेट्रोलियम पदार्थों सहित घरेलू गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे लोगों में अनावश्यक भय का माहौल बन रहा है। इस पर जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि जनपद गाजीपुर में घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार जिले की सभी 66 गैस एजेंसियों पर घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और वास्तविक उपभोक्ताओं को ओटीपी के माध्यम से नियमित वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन पेट्रोलियम पदार्थों की मांग और आपूर्ति पर लगातार निगरानी रख रहा है तथा पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष भी चालू माह में आपूर्ति और वितरण में कोई विशेष अंतर नहीं है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और गैस एजेंसी मालिकों को निर्देश दिया है कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की आपूर्ति नियमानुसार सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्थिति में पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी द्वारा आपूर्ति को अनावश्यक रूप से रोका न जाए और न ही कहीं अवैध भंडारण किया जाए। साथ ही किसी भी व्यक्ति को पेट्रोल या डीजल की थोक आपूर्ति न करने तथा घरेलू गैस केवल संबंधित उपभोक्ता को ही देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा पूर्ति निरीक्षकों और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। यदि कहीं भी पेट्रोल, डीजल या घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध भंडारण अथवा बिक्री पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों से अलग नजर आ रही है। जयदेश समाचार पत्र की ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुसार जिले के कई इलाकों में 23, 24 और 25 मार्च तक की ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है। कई गैस एजेंसियों पर 15-15 दिनों तक डिलीवरी लंबित रहने की बात सामने आ रही है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी संचालक यह कहकर सिलेंडर देने में देरी कर रहे हैं कि सप्लाई बिहार से नहीं आ पा रही है, जिसके कारण समय से वितरण संभव नहीं हो पा रहा है। यह समस्या किसी एक तहसील तक सीमित नहीं बल्कि जिले की कई तहसीलों में देखी जा रही है।
इस संबंध में जब जिला पूर्ति अधिकारी से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन पर बात करना उचित नहीं समझा। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी और भी बढ़ती दिखाई दे रही है।
अब देखना यह है कि प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का गैस एजेंसियों पर कितना असर पड़ता है और आम उपभोक्ताओं को इस समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।
