गोरखपुर
गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम निर्माण को मिलेगी रफ्तार, पहली किश्त जारी
गोरखपुर। गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर ताल नदौर में बन रहे प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य में अब तेजी आएगी। 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्टेडियम के लिए शासन ने पहली किश्त के रूप में 19 जनवरी को 63.39 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
प्रदेश में अभी कानपुर और लखनऊ के स्टेडियमों में इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों का आयोजन होता है, जबकि वाराणसी में निर्माणाधीन इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का काम भी तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ड्रीम परियोजनाओं में शामिल गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण और विकास कार्यों को भी धरातल पर तेजी से उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है।
स्टेडियम का मुख्य परिसर 45 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जबकि अन्य सुविधाओं के लिए 5 एकड़ भूमि पर कार्य होगा। यह स्टेडियम एयरपोर्ट से 23.6 किमी, राप्तीनगर बस अड्डे से 22 किमी और गोरखपुर रेलवे जंक्शन से 20.8 किमी की दूरी पर स्थित रहेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए इसे संपर्क मार्ग के जरिए गोरखपुर-वाराणसी हाइवे (एनएच-24) से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
स्टेडियम के लिए मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। आईसीसी समेत विभिन्न वैश्विक संस्थाओं के मानकों के अनुरूप दो मंजिला क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। इसमें सात मुख्य पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। स्टेडियम की दर्शक क्षमता 30 हजार होगी। इसे मल्टीपर्पज यूज मॉड्यूल के आधार पर तैयार किया जाएगा, जिससे यहां इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों के साथ अन्य बड़े आयोजनों का भी आयोजन संभव हो सकेगा।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि ताल नदौर में पशु चिकित्सा महाविद्यालय और वृहद कान्हा गोशाला का निर्माण भी हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने के बाद यह पूरा क्षेत्र विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि कार्ययोजना तय होने के बाद स्टेडियम निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग की ओर से दिसंबर के आखिरी सप्ताह से मिट्टी भराई और समतलीकरण का काम प्रारंभ कराया गया है। स्टेडियम का निर्माण 23 दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को ईपीसी मोड पर बनाए जाने की तैयारी है। इसके तहत स्टेडियम परिसर में एंट्री गेट्स, सिक्योरिटी चेक प्वाइंट्स, ईस्ट और वेस्ट स्टैंड के साथ नार्थ और साउथ पवेलियन का निर्माण किया जाएगा। परिसर में 1500 गाड़ियों की पार्किंग क्षमता भी विकसित की जाएगी। ईस्ट स्टैंड में 14,490 और वेस्ट स्टैंड में 14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस तरह दोनों स्टैंड्स में कुल 28,980 दर्शक बैठ सकेंगे।
दोनों स्टैंड्स में ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की सुविधा रहेगी। दर्शकों के लिए कानकोर्स, टायलेट, पेयजल व्यवस्था, सर्विस रूम, फर्स्ट एड रूम, मर्केंडाइज स्टोर, वीडियो बोर्ड और मिड विकेट कैमरा प्लेटफार्म का भी निर्माण किया जाएगा।
नार्थ पवेलियन में 208 वीआईपी सीटिंग वाली गैलरी और 382 सीटिंग वाली मीडिया व ब्राडकास्टर्स गैलरी बनाई जाएगी। यहां ग्राउंड फ्लोर पर मीडिया एंट्रेंस लॉबी, ब्राडकास्टिंग कंट्रोल रूम, इक्विप्मेंट्स स्टोर रूम, किचन, स्टोर, सर्विसेस और यूटिलिटी एरिया विकसित किया जाएगा। पहले फ्लोर पर स्टेडियम सिक्योरिटी ऑफिस बनाया जाएगा, जिसमें पुलिस, ब्राडकास्टिंग स्पांसर रूम, मीडिया लाउंज तथा सर्विस व यूटिलिटी एरिया शामिल होंगे। दूसरे फ्लोर पर रिटन प्रेस ट्रिब्यून, टीवी और रेडियो कमेंटेटर बॉक्स तथा मीडिया डाइनिंग एरिया बनाया जाएगा। स्टेडियम की छत पर मेन कैमरा प्लेटफार्म का निर्माण भी प्रस्तावित है।
साउथ पवेलियन में खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम और प्लेयर्स-मैच ऑफिशियल्स एरिया विकसित किया जाएगा। यहां वीआईपी और वीवीआईपी गैलरी भी बनाई जाएगी, जिसकी क्षमता 1708 होगी। ग्राउंड फ्लोर पर प्लेयर्स लाउंज, प्रेस कान्फ्रेंस रूम, प्लेयर व मैच ऑफिशियल चेंजिंग रूम (ड्रेसिंग रूम), डोपिंग कंट्रोल रूम, फर्स्ट एड रूम, वीवीआईपी एंट्रेंस लॉबी और मेन स्टेडियम किचन समेत अन्य सुविधाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा।
इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मैच ऑफिशियल्स लाउंज, एंपायर-रेफरी बॉक्स, एंटी करप्शन बॉक्स, स्कोरर बॉक्स, 5 वीआईपी कॉर्पोरेट बॉक्स (प्रत्येक बॉक्स में 8 लोगों की सिटिंग व्यवस्था), वीआईपी लाउंज और डाइनिंग एरिया भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही प्रेसिडेंशियल सूइट, कॉर्पोरेट बॉक्स और वीआईपी लाउंज की भी व्यवस्था रहेगी।
स्टेडियम की ऊंचाई 60 मीटर होगी और इसमें चार मेन स्टेडियम स्पोर्ट्स लाइटिंग हाई मास्ट पोल्स लगाए जाएंगे। एचडीटीवी ब्राडकास्टिंग के लिए जरूरी फ्रेमवर्क, विभिन्न जोन का निर्धारण, सोलर पैनल्स और एनर्जी एफिशिएंट एचवीएसी सिस्टम भी शामिल रहेगा। परिसर में अंडरग्राउंड वाटर टैंक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, इंटरनल रोड्स, ड्राइव-वे, कार पार्किंग, तूफान जल निकासी प्रणाली और वॉक इन पाथ-वे का भी निर्माण किया जाएगा।
