गोरखपुर
गोरखपुर को मिला नया एसएसपी, आईपीएस डॉ. कौस्तुभ ने संभाली कमान
गोरखपुर। जनपद को नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मिल गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत आईपीएस अधिकारी डॉ. कौस्तुभ को गोरखपुर का नया एसएसपी नियुक्त किया गया है। बुधवार देर रात जारी आदेश के बाद उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया। उनके आने से जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
डॉ. कौस्तुभ इससे पहले भी गोरखपुर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं, जिससे वे जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं।
प्रशासनिक अनुभव
आईपीएस डॉ. कौस्तुभ 2015 बैच के अधिकारी हैं। उनकी प्रारंभिक तैनाती वाराणसी में अंडर-ट्रेनी के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने नोएडा में एएसपी के पद पर कार्य किया, जहां उन्होंने शहरी अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में प्रभावी भूमिका निभाई।
डॉ. कौस्तुभ गोरखपुर में पहले भी सिटी एसपी रह चुके हैं। लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर एक अनुशासित और कड़क अधिकारी की पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें संतकबीरनगर जनपद में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात किया गया, जो उनकी पहली पूर्ण जिला एसपी पोस्टिंग थी।
कार्यशैली और पहचान
डॉ. कौस्तुभ को एक सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने पिछले कार्यकालों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की मजबूती, जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था, आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया है। वे पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही के पक्षधर माने जाते हैं।
गोरखपुर में क्या रहेंगी प्राथमिकताएं
गोरखपुर जैसे बड़े और संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी मिलने के बाद माना जा रहा है कि नए एसएसपी का फोकस महिला सुरक्षा, साइबर अपराध पर नियंत्रण, संगठित अपराध और माफिया पर सख्ती, थानों की कार्यप्रणाली में सुधार पर रहेगा। सूत्रों के अनुसार, पदभार संभालते ही उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।
जनता को बड़ी उम्मीद
डॉ. कौस्तुभ की तैनाती को लेकर आम जनता और पुलिस विभाग में सकारात्मक माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में गोरखपुर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण होगा और आम नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेगा।
अब सभी की निगाहें नए एसएसपी के पहले फैसलों और कार्रवाई पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में जिले की पुलिस व्यवस्था की दिशा तय करेंगे।
