अपराध
गैर इरादतन हत्या के मामले में पांच दोषमुक्त
नर्तकी के नाच के दौरान हुए विवाद में हुई थी घटना
चंदौली। नर्तकी के नाच के दौरान हुए विवाद को लेकर घर में घुसकर गैर इरादतन हत्या करने के मामले में पांच आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। अपर जिला जज (प्रथम) चंदौली अशोक कुमार की अदालत ने आरोपित वीरेंद्र कुमार हरिजन, अनिल उर्फ हिरन, छांगुर हरिजन, मंटू उर्फ शशिकांत एवं अजीत को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, संदीप यादव एवं नितेश सिंह ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमिलाई, बलुआ जनपद चन्दौली निवासी फिरेश पासवान ने बलुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसके भतीजे जुगेश पासवान का तिलक समारोह था, जिसमें वे लोग मनोरंजन के लिए नर्तकी का नाच आयोजित किए थे। इस बीच एक जून 2022 को रात्रि में नाच चल रहा था। उसी दौरान हरिजन बस्ती के कुछ शरारती लड़के नाच देखने को लेकर विवाद करने लगे। उन्होंने मना किया तो आवेश में आकर वीरेंद्र कुमार हरिजन, छांगुर हरिजन, हिरन, मंटू एवं अजीत एक राय होकर ललकारते हुए लाठी-डंडा व रॉड से घर में घुसकर उसे एवं उसके परिवार को मारने-पीटने लगे।
इस दौरान जब उन्हें बचाने के लिए उसकी मां राधिका देवी आईं, तो हमलावरों ने उन्हें भी मारा-पीटा और धक्का दे दिया, जिससे उनके सिर में चोट लगने के कारण मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। वहीं, बीच-बचाव करने वाले कन्हैया चौकीदार, बनारसी पासवान, अमरदेव पासवान व बहादुर पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही हमलावरों ने गाड़ी के कांच भी तोड़ दिए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। अदालत में विचारण के दौरान कुल 9 गवाह परीक्षित कराए गए। अदालत ने गवाहों के बयान व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
