गाजीपुर
गाजीपुर में सशक्त जनआंदोलन बना मनरेगा बचाओ साइकिल अभियान
गाजीपुर (जयदेश)। 17 जनवरी से 17 फरवरी तक चल रही “मनरेगा बचाओ पहुंची गाजीपुर जिले में साइकिल यात्रा” आज एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। यह ऐतिहासिक यात्रा चौरी-चौरा की धरती से प्रारंभ हुई है और विभिन्न जिलों, कस्बों एवं प्रांतों से गुजरते हुए वाराणसी में जाकर समाप्त होगी। इस यात्रा का उद्देश्य मनरेगा के नाम और उसके ढांचे में किए जा रहे बदलावों के विरोध में आवाज उठाना तथा मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है।
देश के अलग-अलग राज्यों—बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल (आसनसोल) सहित आज़मगढ़, देवरिया, बलिया और गाज़ीपुर जैसे जिलों से युवा इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यह यात्रा केवल एक साइकिल अभियान नहीं, बल्कि युवाओं की प्रतिबद्धता, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन चुकी है। इसमें शामिल युवा गांव-गांव, कस्बे-कस्बे जाकर लोगों को मनरेगा के महत्व और मजदूरों के अधिकारों के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
गाजीपुर जनपद के सादात क्षेत्र में प्रयास प्रशिक्षण समिति, डोरा की सावित्री बहन ने भी इस यात्रा में सक्रिय सहभागिता निभाई। यात्रा मजुई, डोरा, मुसहर बस्ती, चैनपुरवा, प्रोफेसर विंध्याचल जी के पास से होते हुए सादात मार्केट तक पहुँची, वहा से डोरा रात्रि विश्राम किया गया। सावित्री बहन ने अपने समुदाय के बीच यात्रा का स्वागत की और मजदूरों के न्याय की लड़ाई में साथ खड़े होने का संकल्प दोहराया। उनके नेतृत्व में यात्रा बुढ़नपुर, सरदरपुर होते हुए सैदपुर पहुँचेगी और वहाँ से वाराणसी की ओर आगे बढ़ेगी।
मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण मजदूरों के जीवन का आधार है। यह केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का माध्यम है, जो गांवों में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है। यदि इसके नाम और संरचना में ऐसे बदलाव किए जा सके।
