गोरखपुर
खजनी में 15 वर्षीय किशोर की आत्महत्या से हड़कंप
टेंशन और सोशल मीडिया दबाव के बीच बुझ गया नन्हा जीवन
गोरखपुर। जिले के खजनी क्षेत्र अंतर्गत महुआडाबर चौकी के खोरठा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। महज 15 वर्ष के किशोर कृष्ण निषाद ने अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि के बीच की बताई जा रही है। कृष्ण निषाद, बेचू निषाद का पुत्र था और दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसका बड़ा भाई बाहर नौकरी करता है, जबकि कृष्ण अपने माता-पिता के साथ गांव में ही रहता था।
परिजनों के अनुसार, कृष्ण बीते कुछ दिनों से मानसिक तनाव में नजर आ रहा था, हालांकि उसने कभी खुलकर अपनी परेशानी किसी से साझा नहीं की। परिवार को यह अंदाजा नहीं था कि वह इतना कठोर कदम उठा लेगा। मंगलवार सुबह जब परिजनों ने उसे इस हालत में देखा तो घर में चीख-पुकार मच गई। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गम का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि कृष्ण को मोबाइल पर रील बनाने का खासा शौक था। वह अक्सर खुद को रील्स में किसी अधिकारी या बड़े पद पर दिखाता था और सपनों की एक अलग ही दुनिया में जीता नजर आता था। माना जा रहा है कि सपनों और हकीकत के बीच की दूरी, पढ़ाई या निजी दबाव उसके मन में तनाव का कारण बन रही थी। हालांकि, वास्तविक वजह क्या थी, इसका स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हो सका है।
सूचना मिलने पर महुआडाबर चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी तरह के बाहरी हस्तक्षेप या आपराधिक पहलू के संकेत नहीं मिले हैं। फिर भी हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और किशोरों पर सोशल मीडिया के प्रभाव को एक बार फिर उजागर करती है। छोटी उम्र में बड़े सपने देखने वाले बच्चे कई बार दबाव को संभाल नहीं पाते। गांव में शोक की लहर है और हर आंख नम है, जबकि परिवार इस सवाल से जूझ रहा है कि काश समय रहते वे उसके मन की पीड़ा समझ पाते।
