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गोरखपुर

खजनी कांड में पांच दोषियों को कोर्ट ने सुनाई सजा, 13 साल बाद मिला इंसाफ

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गोरखपुर। जनपद गोरखपुर में वर्ष 2013 में हुए चर्चित मारपीट व गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। थाना खजनी क्षेत्र में दर्ज इस पुराने मामले में मा० न्यायालय एडीजे-4, गोरखपुर ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 5-5 वर्ष के कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस फैसले को पुलिस की सशक्त पैरवी और ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

मामला वर्ष 2013 का है, जब खजनी थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के दौरान कुछ लोगों ने मिलकर एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस संबंध में थाना खजनी पर मुकदमा अपराध संख्या 122/2013 के तहत धारा 147, 323, 149, 308, 504, 506 और 427 भादवि के अंतर्गत केस दर्ज किया गया था।

लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने सभी पांच आरोपियों—जयराम पुत्र परदेसी, जगन्नाथ, राजू पुत्र जयराम निवासी डोमर घाट थाना खजनी, सुभाष पुत्र मधुबन निवासी महेवा थाना खोराबार और गोपाल पुत्र चंदर निवासी बगही थाना बलीपार—को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सामूहिक रूप से की गई हिंसा और गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे।

इस केस में दोषसिद्धि दिलाने में अभियोजन पक्ष की अहम भूमिका रही। विशेष रूप से एजीडीसी श्री बृजेश कुमार सिंह की प्रभावी पैरवी और पुलिस मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी ने केस को मजबूत बनाया। पुलिस विभाग के अनुसार, गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने, साक्ष्यों को समय पर प्रस्तुत करने और केस डायरी को व्यवस्थित रखने में टीम ने निरंतर प्रयास किया।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुराने और लंबित मामलों में तेजी से सुनवाई कराकर दोषियों को सजा दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर पुलिस लगातार बेहतर परिणाम दे रही है।

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इस फैसले से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने के साथ ही समाज में यह संदेश गया है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं और दोषियों को सजा मिलकर ही रहती।

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