वाराणसी
कोटवा में अवैध कब्जा हटने के बाद हंगामा, प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप
विरोध में लगे आरोप–प्रत्यारोप और सोशल मीडिया पर फैला दुष्प्रचार
वाराणसी। जिले के लोहता थाना क्षेत्र के कोटवा गांव में बुधवार 4 फरवरी को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रास्ते पर किए गए अवैध अतिक्रमण को प्रशासन ने हटवा दिया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार सदर प्रीति पाण्डेय के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।
प्रशासन के अनुसार कोटवा गांव निवासी महफूज आलम, मकसूद आलम, अख्तर रसूल, सरफराज समेत अन्य लोगों द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा कर बाउंड्री और बाथरूम का निर्माण कराया गया था। इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सदर न्यायालय में रिट दाखिल कर अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौके पर एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे अख्तर रसूल ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई “पैसे के दम पर” कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसके बावजूद उनके शौचालय और बाउंड्री को गिरा दिया गया।

अख्तर रसूल ने यह भी आरोप लगाया कि जिस आदेश में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उसके विपरीत उनके चाचा के घर के सामने बने शौचालय और बाउंड्री को तोड़ा गया। वहीं विरोध कर रही महिलाओं ने भी प्रशासन पर धन लेकर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की।
दूसरी ओर प्रशासन ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया। थाना प्रभारी लोहता राजबहादुर मौर्य ने कहा कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुसार की गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
कोटवा चौकी इंचार्ज परवेज खान की मौजूदगी में जब अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया चल रही थी, तब विरोध कर रहे लोगों ने अधिकारियों पर फर्जी और गलत आदेश के आधार पर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हालांकि प्रशासन ने किसी दबाव में आए बिना रास्ते पर बनी अवैध बाउंड्री और बाथरूम को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के बाद इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन पोस्ट वायरल होने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक और नियमों के अनुरूप थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश नारायण सिंह ने भी सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का खंडन करते हुए कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जमीनी सच्चाई इससे अलग है। उन्होंने प्रशासन से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन करते हुए शांति बनाए रखने और किसी भी भ्रामक प्रचार से दूर रहने की अपील की है।
