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कुशीनगर के डीएमओ का जाति प्रमाणपत्र जांच में फर्जी मिला

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ओबीसी की जगह एसटी संवर्ग का लिया लाभ

जिलाधिकारी वाराणसी ने जांच के बाद की कार्रवाई

कुशीनगर में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ) के पद पर तैनात भरत लाल का जाति प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाया गया है। बुधवार को वाराणसी के जिलाधिकारी ने भरत लाल और उनके भाई का जाति प्रमाण पत्र रद्द करने का आदेश दिया। दोनों ने नौकरी में गोड़ की जगह गोंड का एसटी प्रमाण पत्र लगाए।

राजातालाब तहसील के कोईली (लच्छिरामपुर) निवासी भरत लाल गोड़ के खिलाफ 2023 में गांव के ही सुशील कुमार तिवारी ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाने की शिकायत की थी। आरोप था कि 2015 में भरत लाल गोड़ ने राजातालाब तहसील से फर्जी तरीके से गोंड जाति का एसटी प्रमाण पत्र बनवाकर पढ़ाई की और नौकरी में लगाया है। जबकि गोड़ जाति भड़भूजा हैं, जो ओबीसी वर्ग में आता हैं।

शिकायत पर डीएम की अध्यक्षता वाली जनपदस्तरीय जातिप्रमाण पत्र सत्यापन समिति को जांच में शिकायत सही मिली। इसके बाद डीएम सत्येंद्र कुमार ने बुधवार को भरत लाल और उनके भाई अनुदेशक पद पर तैनात सोनू गोड़ का प्रमाण पत्र रद्द कर दिया। शिकायतकर्ता ने बताया कि 5-6 वर्ष पूर्व होलिका की जमीन के विवाद में भरत लाल ने एसटी प्रमाण पत्र के आधार पर ही गांव के तीन लोगों के खिलाफ एससी-एसटी ऐक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कराया है।

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