वाराणसी
काशी के प्रमुख घाटों पर लगेगा अर्पण कलश, सुदृढ़ होगी सफाई व्यवस्था
वाराणसी। गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम ने एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत प्रमुख घाटों पर अर्पण कलश स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें श्रद्धालु स्नान के बाद अपने वस्त्र और पूजा सामग्री डाल सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य घाटों पर फैलने वाली गंदगी को रोकना और साफ-सफाई को बेहतर बनाना है।
इस पहल की शुरुआत अस्सी घाट से कर दी गई है। नगर निगम ने पहले चरण में कुल छह घाटों पर अर्पण कलश लगाने का निर्णय लिया है। अस्सी घाट के बाद दशाश्वमेध, राजघाट, पंचगंगा घाट, केदारघाट और सिंधिया घाट पर भी जल्द ही यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इन घाटों पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ रहती है और अक्सर स्नान के बाद लोग अपने कपड़े वहीं छोड़ देते हैं, जिससे गंदगी फैलती है।

गंगा स्नान के उपरांत कई श्रद्धालु कपड़ों के साथ फूल-माला और अन्य पूजन सामग्री भी घाट की सीढ़ियों पर छोड़ देते हैं। अब वे इन सभी वस्तुओं को सीधे अर्पण कलश में डाल सकेंगे। यदि कोई व्यक्ति अनजाने में अपने वस्त्र घाट पर छोड़ देता है तो वहां तैनात सफाईकर्मी उन्हें उठाकर कलश में सुरक्षित रखेंगे।
काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरूप के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन और गंगा स्नान के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे घाटों पर दबाव बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। निगम का मानना है कि अर्पण कलश के माध्यम से कचरा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।
अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए घाटों की स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता है। उनके अनुसार अर्पण कलश से न केवल गंदगी कम होगी, बल्कि गंगा की मर्यादा भी बनी रहेगी।
