अपराध
कानपुर में फर्जी दरोगा गिरफ्तार, फर्नीचर कारोबारी से लिए थे 15 लाख
पत्नी बोली – पापा से लाखों का दहेज लिया
कानपुर पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो फर्जी दरोगा बनाकर लोगों के सामने हेकड़ी दिखाता था। फर्ज़ी दरोगा ने फर्नीचर कारोबारी से 15 लाख रुपये की ठगी भी की थी। गिरफ्तारी केे दौरान एक बारगी पुलिस भी चौंक गई कि कहीं संजीव असली दरोगा तो नहीं ? क्योंकि, उसके घर में पुलिस की 7 वर्दी और 12 जोड़ी जूते मिले। अलमारी की तलाशी में 2 पुलिस के आई-कार्ड, 4 आईफोन समेत डिपार्टमेंट के जरूरी डॉक्यूमेंट मिले।
पुलिस जब यह सब एक्शन ले रही थी, तभी दरोगा की पत्नी बोल पड़ी- हमारे पति असली दरोगा हैं। हमारे पापा से लाखों रुपए का दहेज भी ले चुके हैं। कल्याणपुर थाने की पुलिस ने तस्दीक के बाद दरोगा को गिरफ्तार कर लिया।
कल्याणपुर सीटीएस बस्ती निवासी चंद्रेश्वर सिंह आर्डनेंस फैक्ट्री से रिटायर होने के बाद नेत्रहीन हो गए थे। इसके बाद उन्होंने फर्नीचर का कारोबार शुरू किया। चंद्रेश्वर सिंह ने बताया कि उनके दामाद सागर ने कुछ समय पहले एसीपी ऑफिस में तैनात दरोगा होने का दावा करने वाले संजीव कुमार यादव से मिलवाया था। दामाद ने बताया था कि वह गूबा गार्डेन में पत्नी नेहा और बच्चे के साथ रहता है। पत्नी के नाम जमीन की रजिस्ट्री करानी है, लेकिन अभी पैसे नहीं हैं।
गुजारिश की कि वह संजीव को 15 लाख रुपये दे दें। दामाद के भरोसे पर चंद्रेश्वर ने सितंबर 2023 को 10 लाख रुपये आरटीजीएस और पांच लाख रुपये नकद दे दिए। इसके एवज में संजीव ने एक ब्लैंक चेक दे दी। चेक अकाउंट में लगाई गई तो वह वापस लौट आई। कई बार के बाद जब सात अगस्त को चेक बाउंस हुई तो ठगी का पता चला। उन्होंने फर्जी दरोगा, दामाद समेत तीन लोगों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में एफआईआर दर्ज करा दी।
मामले की जांच कर रहे इंद्रानगर चौकी इंचार्ज अरुण कुमार सिंह ने जब आरोपी को चौकी बुलाया तो उसने खुद को पहले जीआरपी लखनऊ, फिर जीआरपी उन्नाव और फिर काकोरी थाने में तैनात होना बताया। जब उन्होंने उसके द्वारा बताए गए स्थान पर पता किया तो सब फर्जी निकला। शक होने पर चौकी इंचार्ज ने उसे सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार कर लिया।
