गोरखपुर
कर्तव्य के दबाव में टूटी एक जिंदगी: नवोदय विद्यालय के शिक्षक की मौत पर पत्नी का दर्द छलका, निष्पक्ष जांच की मांग
गोरखपुर। जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पीपीगंज में कार्यरत पीजीटी कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक डॉ. अभय प्रताप सिंह की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मौत ने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील शिक्षक के टूटते मन और बढ़ते मानसिक दबाव की दर्दनाक कहानी बनकर सामने आया है।
डॉ. सिंह की पत्नी मधुलिका सिंह ने सोमवार देर रात एक भावुक वीडियो जारी कर विद्यालय के प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत द्वेष के चलते प्राचार्य लगातार उनके पति को अपमानित करते थे। झूठे और बेबुनियाद कारणों से चेतावनी पत्र देकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिससे वे भीतर ही भीतर टूटते चले गए।
मधुलिका सिंह के अनुसार, घर में मांगलिक कार्य होने के कारण डॉ. सिंह ने तीन दिन के अवकाश का अनुरोध किया था, लेकिन 7 फरवरी को कक्षा 9 और 11 की प्रवेश परीक्षा का हवाला देते हुए प्राचार्य ने अवकाश देने से इनकार कर दिया। केवल दो दिन की अनुमति दी गई और 7 फरवरी 2026 को सुबह 7:30 बजे से पहले विद्यालय पहुंचने का दबाव बनाया गया।
दर्दनाक पहलू यह है कि उक्त परीक्षा के लिए केवल छह शिक्षकों की आवश्यकता थी, जबकि विद्यालय में लगभग 30 शिक्षक कार्यरत थे। इसके बावजूद डॉ. सिंह को बार-बार विद्यालय बुलाया गया और ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए विवश किया गया।
आज एक होनहार शिक्षक इस दुनिया में नहीं है, एक परिवार का सहारा छिन गया है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था में मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और शिक्षक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील की है, ताकि भविष्य में किसी और शिक्षक को इस तरह का मानसिक दबाव न झेलना पड़े।
