अपराध
करोड़ों का साइबर फ्रॉड करने वाले 2 नटवर लाल चढ़े टीम के हत्थे
वाराणसी| साइबर फ्रॉड कर करोड़ो रूपये साइबर क्राइम करने वाले अपराधी अपने साथी के साथ गिरफ्तार, 6 मोबाइल, 1 लेपटाप, 3 POS मशीन, 17 ATM कार्ड, 14 चेक बैंक आदि बरामद।
आवेदक वंशनरायण सिंह S/O स्व0 गोवर्धन सिंह निवासी ग्रा() व पो0- शिवदशा, थाना- चौबेपुर वाराणसी उ0प्र0 द्वारा साइबर क्राइम पुलिस थाना वाराणसी पर सूचना दी गयी कि 13 मई 2022 को मेरे लड़के अवनीश कुमार सिंह जिनका मो0नं0 9695770024 के वाट्स ग्रुप में एक मैसेज आया जो नायका फैशन के नाम से था जिसका मो0न0 9167318509 था उसने बताया कि यदि आप कोई प्रोडक्ट खरीदते है तो लाभ मिलेगा, जिसमें एक एकाउन्ट बनाना था जिसमें सात चरण था जब तक सात चरण पूरा नहीं होता तब तक कोई एमाउन्ट नहीं निकल सकता उसके बात पर विश्वास कर मेरे लड़के द्वारा फोन पे के माध्यम से छोटी छोटी राशि जमा किया जो वापस आ गया। परन्तु जैसे ही बड़ी राशि जमा करके 07 चरण पूरा किया गया तो पैसा वापस नहीं आया इस तरह से मेरे बेटे को विश्वास में लेकर धोखे से आनलाइन कुल राशि 1,13650/- रू जमा कराया गया । जिस पर साइबर क्राइम थाना पर मु0अ0सं0 0020/2022 धारा 420 भादवि व 66 आईटी एक्ट पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गयी।
उपरोक्त प्रकरण में अपर पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम लखनऊ, पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वाराणसी के. सत्यनारायणा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम अविनाश चन्द्र सिन्हा द्वारा साक्ष्य संकलन / अनावरण एवं गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया था जिसके अनुपालन में संकलित साक्ष्यों के अवलोकन व सीडीआर एनालिसिस के उपरान्त अभियुक्तगण नईम व संजय राय संलिप्तता प्रमाणित हुई। जिस काफी प्रयास के बाद अभियुक्तगण उपरोक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचनात्मक कार्यवाही पूरी कर उपरोक्त अभियुक्तगण का चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
अपराध का तरीका:
मो. नईम अब्दुल जुमेराती शेख व संजय राय ने मुकदमा उपरोक्त के सम्बन्ध में पूछने पर बता रहा है कि हमलोग योजना के तहत अपराध करने के लिए बैंक खातों मोबाइल नंबर व किस व्यक्ति को कैसे फसाना है, उसका योजना बनाकर अपराध करते हैं, कभी इनाम के लालच में, कभी कंपनी में पैसा लगाने पर लाभ देने के नाम पर, कभी गेमिंग के नाम पर कभी रमी गोल्ड के नाम पर बीटक्वाइस में पैसा डबल करने के नाम पर आमलोगों के पास लिंक के माध्यम से तथा एस. एम. एस भेजकर लालब देते है, और लोग मेरे लिंक पर क्लिक करते हुए अपने सभी विवरण व बैंक संबन्धी विवरण भर देते है और लास्ट में फाइनल सबमिशन के नाम पर फोन कर ओ. टी. पी. मांग कर पैसा विभिन्न वालेट वा खाता नंबर में यू.पी.आई. के माध्यम से भेज देते है और खाते में मौजूद पैसे को बीटक्वाइन के माध्यम से विभिन्न सहयोगियों को भेजते है।
इसी तरह हमलोग आम लोगों को विभिन्न टेलीग्राम ग्रुप, इंस्टाग्राम ग्रुप, वाट्स ग्रुप पर विभिन्न कंपनियों में पैसा लगाने का लालच देते है और बताते है कि आपका पैसा चार से पांच चरण के बाद डबल हो जायेगा और उससे विभिन्न खातों वालेट में पैसा डलवाते है और जब लाख रूपये से अधिक पैसा आ जाता है तो सभी संपर्क उस आदमी से तोड़ लेते है और इस तरह से हमलोग सैकड़ो आदमियों को लालच व बातों उलझाकर साइबर फ्राड करते है, इसी तरह हमलोगों ने मई 2022 में वाराणसी के चौबेपुर निवासी को वाट्स ग्रुप में एक मैसेज भेजा था और बताया था कि नायका फैसन कंपनी से यदि आप कोई प्रोडक्ट खरीदते है तो लाभ मिलेगा, जिसमें एक एकाउन्ट बनाने को कहा था और सात चरण बताया था, जब तक सात चरण पूरा नहीं होता तब्द तक कोई एमाउन्ट नहीं निकल सकता उसके बात पर विश्वास कर उनके द्वारा फोन पे के माध्यम से छोटी छोटी राशि जमा किया जो हम लोगो ने वापस कर दिया गया जिससे वह हमलोगों के विश्वास में आ गया परन्तु जैसे ही बड़ी-बड़ी राशि जमा करके 07 चरण पूरा किया और लगभग 114000 रूपये जमा कर दिया गया, हमलोगों ने सभी संपर्क तोड़ दिया।
सर हमलोग बैंक खाता व सिम प्राप्त करने हेतु विभिन्न टेलीग्राम ग्रुप, इंस्टाग्राम ग्रुप वाट्स ग्रुप पर विभिन्न लोगों से संपर्क करते है और पैसे कमाने का लालच व बातों से बगलाकर अपने पक्ष में कर लेते है और उससे उसी के डाकुमेंट का प्रयोग कर खाता खुलवाते है और सिम लिवाते है और फिर उससे समस्त वरिजल डाकुमेंट व मूल सिम वापस ले लेते है जिसके एवज में 50000 से 100000 रूपये तक दिया जाता है और उसी खातों में फ्राड का पैसा मंगाता था और फोन करने में सिम का प्रयोग किया जाता है।
सर, साइबर फ्रॉड के प्राप्त पैसों का बटवारा करने हेतु और बैंक खाता देने हेतु मै अपने साथी संजय राय के साथ दिल्ली जाने के फिराक में था कि आप लोगों ने पकड़ लिया।
पुलिस टीम के सदस्य थाना साइबर क्राइम में निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, उ.नि. सतीश सिंह, हे. का. (क.आ.) श्याम लाल गुप्ता, हे. का. आलोक कुमार सिंह, हे. का. प्रभात कुमार द्विवेदी, का. रविकान्त जायसवाल, का. पृथ्वीराज सिंह, का. अनिल कुमार 9. का. मनीष सिंह थे|
