गोरखपुर
करमैनीघाट पुल पर आत्महत्याओं पर लगेगा ब्रेक! विधायक निधि से 40 लाख मंजूर
गोरखपुर। कैम्पियरगंज क्षेत्र में राप्ती नदी पर बने करमैनीघाट पुल को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। पिछले कुछ समय से यह पुल आत्महत्या की घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। अब इन घटनाओं को रोकने के लिए पुल के दोनों किनारों पर लोहे की सुरक्षा जाली लगाई जाएगी, जिस पर लगभग 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक फतेह बहादुर सिंह ने करमैनीघाट पुल का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन के सहयोग से पुल पर सुरक्षा जाली लगाने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए विधायक निधि से 40 लाख रुपये की धनराशि जारी कर दी गई है।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने आईआरएस विभाग के अधिकारियों से निर्माण की योजना और कार्य की प्रगति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल यह परियोजना टेंडर प्रक्रिया में है और टेंडर पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि यह पुल वर्ष 1989 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के कार्यकाल में राप्ती नदी पर बनाया गया था। लेकिन पिछले दो वर्षों से यह पुल आत्महत्या की घटनाओं के कारण लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। गोरखपुर, संतकबीरनगर और महराजगंज जिलों से 50 से अधिक लोग यहां से नदी में कूदकर अपनी जान दे चुके हैं, जिसके कारण इसे लोग ‘सुसाइड पॉइंट’ के रूप में भी पहचानने लगे हैं।
हाल ही में मंगलवार को भी एक युवती ने इसी पुल से राप्ती नदी में छलांग लगा दी थी। घटना के बाद से एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में युवती के शव की तलाश कर रही है। इस दुखद घटना के बाद विधायक फतेह बहादुर सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना भी दी।
इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख अवधनी जायसवाल, पिंटू सिंह, बलवंत यादव, अभिमन्यु सिंह, अखिलेश जायसवाल, शमशेर सिंह, गुड्डू यादव, योगेंद्र सहानी, राजेश सिंह, प्रमोद पांडेय, अभय पांडेय समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुल पर सुरक्षा जाली लगने के बाद इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी और लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
