गोरखपुर
कमिश्नर और डीएम ऑफिस के सामने की जमीन होगी नीलाम
एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन के निर्माण में खर्च होगी राशि
गोरखपुर। विकास प्राधिकरण (GDA) शहर में एकीकृत मंडलीय कार्यालय भवन के निर्माण के लिए बड़ी तैयारी कर रहा है। इसके तहत कमिश्नर ऑफिस के सामने स्थित करीब 5 एकड़ और डीएम ऑफिस के सामने की लगभग 3 एकड़ जमीन की नीलामी की जाएगी। नीलामी से प्राप्त धनराशि को नए मंडलीय कार्यालय परिसर के निर्माण में लगाया जाएगा।
इन दोनों जमीनों को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है और शासन से जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण के अनुसार, एक भूखंड पर कुछ लोगों ने कोर्ट से स्टे होने का दावा किया था, लेकिन अब तक वे कोई संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं।
नीलामी में शामिल जमीनों में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय परिसर भी है, जो कमिश्नर ऑफिस के सामने स्थित है और लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इस परिसर को खाली कराने के लिए GDA द्वारा संबंधित कार्यालय अध्यक्षों को नोटिस जारी कर दिया गया है। दूसरी जमीन उप श्रमायुक्त कार्यालय परिसर की है, जो डीएम कार्यालय के सामने लगभग 3 एकड़ में स्थित है। इसे खाली करने का नोटिस भी भेजा जा चुका है।
दोनों जमीनें नजूल भूमि श्रेणी में आती हैं। उप श्रमायुक्त कार्यालय की जमीन के पीछे स्थित एक भूखंड को लेकर कुछ लोगों ने न्यायालय से स्टे का दावा किया है। इसी कारण फिलहाल उसकी नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। प्राधिकरण ने दावेदारों से संबंधित कागजात मांगे हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए GDA ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इसके लिए 21 फरवरी तक का समय दिया गया है। यदि तय समय सीमा तक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जाता, तो नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यदि इस दौरान कोई कोर्ट आदेश प्रस्तुत होता है, तो प्राधिकरण विधिक प्रक्रिया के तहत आगे कार्रवाई करेगा।
एकीकृत मंडलीय कार्यालय परिसर के निर्माण और संचालन पर लगभग 316 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान है। निर्माण के लिए फर्म का चयन किया जा चुका है। नलकूप परिसर में स्थित पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो गई है और ध्वस्तीकरण कार्य शुरू भी हो चुका है। करीब 11 एकड़ जमीन में बनने वाले इस परिसर पर लगभग 270 करोड़ रुपये निर्माण में और 42 करोड़ रुपये रखरखाव पर खर्च होंगे। परियोजना को 39 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रस्तावित सात मंजिला भवन में कुल 72 कार्यालय शिफ्ट किए जाएंगे। सभी मंडलीय कार्यालयों को एक ही परिसर में लाया जाएगा और कमिश्नर का कार्यालय भी यहीं स्थापित होगा। कार्यालयों की जरूरत के अनुसार स्थान तय करने के लिए डेटा जुटाया जा रहा है। अधिवक्ताओं के लिए भी अलग से जगह उपलब्ध कराई जाएगी और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
नलकूप परिसर के कार्यालयों को अस्थायी रूप से GDA टावर में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए टावर की पांचवीं और छठवीं मंजिल पर स्थान दिया गया है, जहां आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को लोहिया एन्क्लेव के खाली फ्लैटों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
GDA के उपाध्यक्ष आनन्द वर्द्धन के अनुसार, एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। मानिटाइजेशन के लिए चिह्नित एक जमीन पर कुछ लोगों ने दावा किया है, लेकिन वे अब तक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके हैं। सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से 21 फरवरी तक कागज मांगे गए हैं, जिसके बाद नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
