वाराणसी
एसआईआर प्रक्रिया के तेज होने से कम हुए नो मैपिंग मतदाता, बीएलओ ने बढ़ाया संपर्क
वाराणसी। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में विधानसभा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य निरंतर जारी है। आयोग द्वारा एक बार फिर 15 दिन की समय-सीमा बढ़ाए जाने के बाद मतदाता आंकड़ों में स्पष्ट परिवर्तन देखने को मिल रहा है। ताजा स्थिति में जिले में नो मैपिंग श्रेणी में आने वाले मतदाताओं की संख्या घटकर 8.14 लाख के आसपास पहुंच गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, छह दिसंबर को जिले में ऐसे मतदाताओं की संख्या 14 लाख 4 हजार 759 दर्ज की गई थी, जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो सका था। इसके बाद सात दिन का अतिरिक्त अवसर मिलने पर यह संख्या घटकर 9 लाख 48 हजार 635 रह गई। अब समय सीमा बढ़ने के बाद यह आंकड़ा और कम होकर आठ लाख के करीब आ गया है।
प्रशासनिक स्तर पर बताया जा रहा है कि नो मैपिंग श्रेणी में शामिल प्रत्येक मतदाता से बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर रहे हैं और 2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरण जुटाया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के चलते आने वाले दिनों में यह संख्या और कम होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं जिन मतदाताओं के नाम त्रुटिवश अनुपस्थित (ए), स्थायी रूप से स्थानांतरित (एस) अथवा मृतक (डी) यानी एएसडी सूची में दर्ज हो गए हैं, उन्हें भी संशोधन का अवसर दिया जा रहा है। मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया लगातार जारी है। बूथों पर चरणबद्ध तरीके से अपडेटेड सूची चस्पा की जा रही है और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को भी सूची सौंपी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते दुरुस्त कराया जा सके।
जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 31 लाख 53 हजार 705 है। इनमें से 2 लाख 12 हजार 67 मतदाता अनुपस्थित श्रेणी में दर्ज हैं, जबकि 2 लाख 28 हजार 851 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित पाए गए हैं। मृतक मतदाताओं की संख्या 74 हजार 595 है, वहीं पहले से पंजीकृत मतदाताओं की संख्या बढ़कर 40 हजार 253 हो चुकी है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मृतक मतदाताओं की संख्या में भी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। 11 दिसंबर को मृतक मतदाताओं की संख्या 74 हजार 712 थी, जो अब घटकर 74 हजार 595 रह गई है। छह दिसंबर को यह आंकड़ा लगभग 72 हजार के आसपास दर्ज किया गया था। इसी प्रकार अनुपस्थित मतदाताओं की संख्या भी पहले 2 लाख 15 हजार 783 से घटकर वर्तमान में 2 लाख 12 हजार 67 हो गई है।
हालांकि स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो 2 लाख 26 हजार 621 से बढ़कर 2 लाख 28 हजार 815 तक पहुंच गई है। कुल मिलाकर एएसडी सूची में शामिल मतदाताओं की संख्या पहले की तुलना में घटकर अब 5 लाख 86 हजार के आसपास रह गई है।
