गोरखपुर
एमएमएमयूटी ने टाइम्स हायर एजुकेशन सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 में बनाई पहली बार जगह
गोरखपुर। वैश्विक रैंकिंग में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहे मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। विश्वविद्यालय ने टाइम्स हायर एजुकेशन यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाई सब्जेक्ट 2026 में पहली बार स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। एमएमएमयूटी को इंजीनियरिंग श्रेणी में विश्व स्तर पर 1001-1025 रैंक बैंड में जगह मिली है।
टाइम्स हायर एजुकेशन की 2026 विषयवार रैंकिंग में विश्व के कुल 1,555 विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन 11 विषय श्रेणियों में किया गया। इन श्रेणियों में कला एवं मानविकी, प्रबंधन एवं अर्थशास्त्र, कंप्यूटर साइंस, शैक्षिक अध्ययन, इंजीनियरिंग, विधिक अध्ययन, जीव विज्ञान, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, भौतिक विज्ञान, मनोविज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान शामिल हैं।
वैश्विक स्तर पर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने पहला और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं भारत में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बेंगलुरु शीर्ष स्थान पर रहा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश से इस विषयवार रैंकिंग में केवल दो विश्वविद्यालय शामिल हुए हैं, जिनमें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर शामिल हैं। इस सूची में एमएमएमयूटी राज्य में दूसरे स्थान पर है।
टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग का आधार पांच प्रमुख प्रदर्शन संकेतक हैं, जिनमें टीचिंग (28 प्रतिशत), रिसर्च एनवायरनमेंट (29 प्रतिशत), रिसर्च क्वालिटी (27.5 प्रतिशत), इंडस्ट्री इनकम (8 प्रतिशत) और इंटरनेशनल आउटलुक (7.5 प्रतिशत) शामिल हैं।
एमएमएमयूटी के प्रदर्शन स्कोर की बात करें तो टीचिंग में 15.0, रिसर्च क्वालिटी में 57.8, रिसर्च एनवायरनमेंट में 7.7, इंडस्ट्री इनकम में 18.5 तथा इंटरनेशनल आउटलुक में 18.9 अंक प्राप्त हुए हैं।
इस उपलब्धि पर माननीय कुलपति ने विश्वविद्यालय के सभी फैकल्टी सदस्यों, शोधकर्ताओं और स्टाफ को उनकी समर्पित मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से रिसर्च क्वालिटी में उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की, जिसने इस वैश्विक मान्यता को प्राप्त करने में निर्णायक भूमिका निभाई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह उपलब्धि एमएमएमयूटी की शैक्षणिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
